
रांची। प्रदेश भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशी के रूप में तीन नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है। पैनल में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रांची नगर निगम की पूर्व महापौर आशा लकड़ा तथा पार्टी नेता नंदलाल अग्रवाल के नाम हैं। हालांकि, पार्टी केंद्रीय नेतृत्व इनसे भिन्न किसी नेता को भी पार्टी प्रत्याशी बनाने का निर्णय ले सकता है। पार्टी एक सीट पर अपना प्रत्याशी देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है।
रविवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को संभावित प्रत्याशियों का पैनल सौंपा। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि अर्जुन मुंडा और आशा लकड़ा के अलावा धनबाद के भाजपा नेता नंदलाल अग्रवाल को भी पैनल में रखा गया है। हालांकि प्रत्याशी के नाम केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में ही तय होंगे।
प्रदेश चुनाव समिति द्वारा भेजे गए नामों पर चर्चा के बाद जीत-हार की संभावना को भी भाजपा नेतृत्व ध्यान में रखेगा। सत्तारूढ़ गठबंधन में बिना सेंध लगाए भाजपा प्रत्याशी की राज्यसभा चुनाव में जीत मुश्किल है। झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को समर्थन देने वाले विधायकों से बातचीत करने भी कहा गया है। अगले तीन दिनों में ही भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी का नाम तय हो पाएगा।
एनडीए नेताओं से भी होगी बात : राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर जीत के लिए भाजपा को 28 विधायकों की आवश्यकता है। एनडीए के घटक दल मिलाकर 24 विधायक ही होते हैं। इनमें भाजपा के 21 विधायक ही हैं। पार्टी केंद्रीय नेतृत्व ने लोजपा, जदयू और आजसू पार्टी के शीर्ष नेताओं को भी जीत की रणनीति बनाने में लगने का अनुरोध किया है, जिनके एक-एक विधायक हैं। सहयोगी दलों में प्रत्याशी के सवाल पर कोई मतभेद नहीं हो, इसके लिए भाजपा नेता लगातार संवाद कर रहे हैं। बता दें कि जदयू विधायक सरयू राय ने राज्यसभा के लिए स्थानीय प्रत्याशी देने की मांग की है।
चार और मतों की करनी होगी व्यवस्था : एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक भाजपा प्रत्याशी को अपना वोट दें तो भी भाजपा को चार और विधायकों के प्रथम वरीयता के मतों की आवश्यकता होगी। एक मत के लिए भाजपा जेएलकेएम के विधायक जयराम महतो से समर्थन मांग सकती है। वहीं, तीन विधायकों के समर्थन के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन में सेंध लगानी होगी। संभावना है कि भाजपा इसके लिए कांग्रेस में ही संभावना तलाशेगी।

