
रांची। झारखंड के वित्त मंत्री और छतरपुर से कांग्रेस विधायक राधाकृष्ण किशोर ने वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताते हुए सक्रिय चुनावी राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वहीं, यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि भविष्य में उन्हें झारखंड कांग्रेस की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि उन्होंने 25 वर्ष की उम्र में विधायक के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और अब उन्हें लगता है कि सार्वजनिक जीवन में भी एक समय के बाद विराम आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक हो जाएगी। ऐसे में यदि ईश्वर अवसर दें तो वह धर्म-कर्म, सामाजिक कार्य, लेखन और देशाटन के लिए समय देना चाहेंगे।
केंद्र की राजनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा कि उनकी कभी भी राष्ट्रीय राजनीति में जाने की इच्छा नहीं रही। उन्होंने कहा कि वह वर्षों से केंद्र की राजनीति को देखते आए हैं, लेकिन उसमें सक्रिय भूमिका निभाने की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। हालांकि, यदि भविष्य में कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे या वरिष्ठ नेता राहुल गांधी कोई जिम्मेदारी सौंपते हैं, तो उस पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल उनका व्यक्तिगत निर्णय चुनावी राजनीति से दूरी बनाने का है।
राधाकृष्ण किशोर ने राजनीति में धर्म और जाति के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटना लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने बताया कि भविष्य में वह धर्म परिवर्तन, उसके सामाजिक कारणों और भारतीय समाज पर उसके प्रभाव जैसे विषयों पर भी लेखन करना चाहते हैं।

