
पटना। बिहार में अपराधियों के खिलाफ होगी बड़ी कार्रवाई। ढाई हजार से अधिक मोस्टवांटेड अपराधियों की संपत्ति जब्त होगी जब्त। इसके लिए थानास्तर पर मोस्टवांटेड अपराधियों को चिह्नित करने का टास्क डीजीपी विनय कुमार ने दिया है। नए निर्देश से अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।
सभी थानों को कम से कम ऐसे दो कुख्यात अपराधियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है, जिन्होंने अवैध संपत्ति अर्जित की है। इनमें शराब तस्कर, बालू माफिया और पेपर लीक गिरोह के शातिरों को भी शामिल किया जाएगा। इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया गया है। राज्य में करीब 1300 थाने हैं। ऐसे में करीब 2600 अपराधियों की सपंत्ति जब्त करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। सभी जिलों के एसपी को ऐसे अपराधियों की कुंडली बनाकर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे अपराधियों के परिजन के नाम पर बनाई गई संपत्ति की भी जांच की जाएगी। अनुसंधान शुरू होने के दस दिनों के अंदर ऐसे अपराधियों की संपत्ति अटैच की जाएगी।
20 दिनों में वारंट का हो तामिला : अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त करने के साथ ही फरार अपराधियों की कुर्की जब्त में भी तेजी लाई जाएगी। ऐसे फरार अपराधियों की भी थाना और जिलास्तर पर सूची बनाई जाएगी। इसके बाद कोर्ट से कार्रवाई का आदेश लेकर कुर्की-जब्ती की जाएगी। राज्यभर में अभी फरार चल रहे अपराधियों की संख्या हजार के आसपास है। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय ने एक माह में पुराने वारंटों का निष्पादन करने का निर्देश सभी जिलों को दिया है। थानों को हर हाल में 20 दिनों में वारंट का तामिला करने का निर्देश दिया गया है।
नए कानून में सरकार को मिला अधिकार : देश भर में एक जुलाई से लागू तीन नए कानूनों ने राज्य सरकार को भी सपंत्ति जब्त करने का अधिकार दिया है। पहले ऐसे अपराधियों की संपत्ति जब्ती के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को प्रस्ताव भेजा जाता था मगर अब राज्य सरकार नए कानूनों का पालन करते हुए अपने स्तर से भी ऐसे अपराधियों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई कर सकती है।
