
नई दिल्ली : लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार को शुरू होते ही स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने मांग की थी कि देश में चल रहे नीट विवाद को लेकर चर्चा की जाए और एक साझा संदेश देश के छात्रों को दिया जाए।
राहुल गांधी ने जैसे ही अपनी बात कहनी शुरू की, वैसे ही उनका माइक बंद कर दिया गया, जिसके बाद सदन में शोर होने लगा।
स्पीकर ओम बिरला से कहा गया कि वो सदन में इस पर चर्चा करवाएं। ओम बिरला ने विपक्ष से कहा कि वो राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान अपनी बात कहें अभी जो कहेंगे वो रिकॉर्ड में नहीं जाएगा।
ओम बिरला ने कहा कि ये पहले ही बताया गया था कि स्थगन प्रस्ताव और शून्यकाल, राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान नहीं चलेंगे।
हालांकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया और कहा, “हिंदुस्तान के छात्रों को हम साझा संदेश देना चाहते थे विपक्ष और सरकार की तरफ से कि हम इस मुद्दे को ज़रूरी मानते हैं और इसलिए हमने सोचा था कि आज छात्रों का सम्मान करने के लिए हम नीट पर चर्चा करें। अब बात ये है कि दो फोर्सेज़ हैं…।”
इतना कहने के बाद ही राहुल का माइक बंद हो गया और शोरगुल के बीच स्पीकर ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को उनकी बात कहने के लिए बुलाया।
इसके बाद हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
