
नयी दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार शाम श्री धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रिमंडल से इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रधान ने आज अपराह्न शिक्षा मंत्री के पद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, श्रीमती मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर तत्काल प्रभाव से श्री प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री की सलाह पर श्री जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रधान 07 जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्री के पद पर थे। नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विद्यार्थियों के धरना-प्रदर्शन और विपक्षी दलों के दबाव के बीच श्री प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आज दोपहर युवाओं के नाम पोस्ट किये गये एक पत्र में उन्होंने लिखा कि बच्चों के भविष्य और देश विरोधी ताकतों को मौजूदा परिस्थितियों का लाभ उठाने से रोकने के लिए उन्होंने त्यागपत्र दिया है।
उन्होंने पत्र में लिखा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे, देश के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।”
उन्होंने कहा कि यह उनके लिए यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर उनका मन दुःखी है। युवाशक्ति को “देश की असली ताकत” बताते हुए उन्होंने कहा कि वह युवाओं को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे। उन्होंने मंत्रिमंडल में मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए श्री मोदी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि वह राष्ट्रसेवा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे।
नीट पेपर लीक मुद्दे पर श्री प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही जिम्मेदारी ली है और कभी परिस्थिति से मुंह नहीं मोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के बाद कई छात्रों को गुमराह करने के लिए “जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों” ने बाधा डालने की कोशिश की।
उन्होंने लिखा, “मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।”
