नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार गुरुवार 15 अगस्त को लगातार 11वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराकर देश को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वे लगातार 11 बार लाल किले से भाषण देने वाले देश के तीसरे प्रधानमंत्री बन जाएंगे। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने यह उपलब्धि हासिल की थी। नरेंद्र मोदी ने 9 जून को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नेहरू के तीन कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लगातार 17 बार स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दिया था। वहीं जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक और फिर जनवरी 1980 से अक्टूबर 1984 तक प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी ने 16 बार देश को संबोधित किया था। इंदिरा गांधी के भाषणों में से 11 लगातार थे।

गुरुवार इस बार जब प्रधानमंत्री लाल किले से देश को संबोधित करेंगे तब वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पीछे छोड़ देंगे जिन्होंने अपने कार्यकाल में दस बार स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दिया था। मोदी ने 2014 में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस के भाषण में स्वच्छ भारत और जनधन खातों जैसी बड़ी योजनाओं की शुरूआत की थी। उसके बाद से लगातार उनके भाषण में किसी न किसी मुद्दे की चर्चा जरूर होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम स्वतंत्रता दिवस पर सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उनके भाषणों की औसत अवधि 82 मिनट की रही है जो भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री से अधिक है। पूर्व प्रधानमंत्री आई के गुजराल 71 मिनट के औसत के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यह आंकड़ा उनके 1997 में दिए गए एकमात्र भाषण पर आधारित है।

मोदी के भाषणों की अवधि अलग-अलग रही है। 2017 में उनका सबसे छोटा भाषण 55 मिनट का था जबकि 2016 में उनका सबसे लंबा भाषण 94 मिनट का था। 1947 में नेहरू का पहला भाषण केवल 24 मिनट का था। मोदी से पहले इंदिरा गांधी के नाम सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड था। उन्होंने 1972 में 54 मिनट का भाषण दिया था।

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