
न्यूयॉर्क। भारत के हमले के डर से घबराया पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने गिड़गिड़ा रहा है। अब भारत के ताप से बचने के लिए इस्लामाबाद ने मुस्लिम देशों से गुहार लगाई है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत इफ्तिखार अहमद ने न्यूयॉर्क में मुस्लिम देशों के समूह इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के राजदूतों के समूह को ताजा हालात के बारे में जानकारी दी। अहमद ने भारत की कार्रवाइयों को दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है। पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने यह जानकारी दी है।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान मिशन के एक बयान में कहा गया है कि राजदूत अहमद ने भारत के व्यवहार को अत्यधिक उत्तेजक, राजनीति से प्रेरित और गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया और सदस्य देशों से दीर्घकालिक शांति के लिए ध्यान देने की अपील की।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस्लामिक सहयोग संगठन के दूतों ने कूटनीतिक माध्यमों से तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच भारी तनाव बना हुआ है। भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों पर इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कूटनीतिक कार्रवाई करते हुए सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना और राजनियकों की उपस्थिति कम करने जैसे कदम भी उठाए हैं।
पाकिस्तान ने पहलगाम हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इसके अलावा उसने जवाब में शिमला समझौते को स्थगित करना, भारत के साथ व्यापार को रोकना और पाकिस्तानी एयरस्पेस को भारतीय विमानों को बंद करने जैसे कदम उठाए हैं। पाकिस्तान को सबसे तगड़ी मार सिंधु जल समझौते को रोकने से पड़ी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत से आने वाले पानी को पाकिस्तान की जीवन रेखा बताया है और इसे रोकने की किसी भी कार्रवाई को युद्ध के समान बताया है।
इस बीच पाकिस्तान को भारत के हमले का डर सता रहा है। पाकिस्तान ने अपनी वायु सेना को पूरी तरह अलर्ट पर रखा है। इसके साथ ही वह सीमा पर भारी मात्रा में हथियार और डिफेंस एसेट जमा कर रहा है। पाकिस्तान ने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा से सैनिकों को नियंत्रण रेखा की तरफ भेजा है।
