
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां ब्रह्मचारिणी की आराधना करते हुए सभी के लिए साहस, धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मसंयम का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवी की स्तुति से जुड़ा एक भक्ति गीत भी साझा किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि नवरात्रि का दूसरा दिन तप, त्याग और संकल्प की प्रतीक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना को समर्पित है। उन्होंने कामना की कि मां ब्रह्मचारिणी सभी को साहस और संयम का आशीर्वाद प्रदान करें।
पीएम मोदी ने ‘चामुंडी वरदायिनी’ नामक देवी भक्ति गीत का यूट्यूब लिंक भी साझा किया। यह गीत कन्नड़ भक्ति संगीत प्रस्तुति ‘भक्ति लहरी’ की ओर से नवरात्रि विशेष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। गीत को बीके सुमित्रा ने अपनी आवाज दी है। इसके संगीत निर्देशक एल. कृष्णन, गीतकार आर. एन. जयगोपाल और संगीत लेबल लहरी म्यूजिक है।
तपस्या और अटूट संकल्प की प्रतीक हैं मां ब्रह्मचारिणी
हिंदू धर्म में मां ब्रह्मचारिणी को देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप माना जाता है। वे तपस्या, भक्ति, धैर्य और आत्म-अनुशासन की प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप इसी अटूट संकल्प और साधना का संदेश देता है।
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के बाद दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। भक्त उनसे ज्ञान, धैर्य, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्राप्त करने की कामना करते हैं।
सफेद रंग और मिश्री का विशेष महत्व
नवरात्रि के दूसरे दिन भक्त मां ब्रह्मचारिणी को फूल, पारंपरिक भोग और प्रार्थनाएं अर्पित करते हैं। इस दौरान देवी के मंत्रों का जाप भी किया जाता है। धार्मिक परंपरा में इस दिन सफेद रंग को विशेष महत्व दिया जाता है, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक है। मां ब्रह्मचारिणी को प्रसाद के रूप में चीनी या मिश्री अर्पित करने की भी मान्यता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी एक अन्य पोस्ट में भी नवरात्रि के दूसरे दिन के धार्मिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या, त्याग और संकल्प का प्रतीक बताते हुए देशवासियों के जीवन में साहस और आत्मसंयम की कामना की।

