नई दिल्ली । संसद के मॉनसून सत्र में जबरदस्त हंगामा हो रहा है। विपक्षी पार्टी बिहार में वोटर लिस्ट के लिए किए जा रहे स्पेशल इंसेसिंव रिवीजन , ऑपरेशन सिंदूर और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध कर रही है। गुरुवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर सियासी वार करते हुए कहा, इस देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुए है कि विपक्ष के नेता को इस देश से कोई मतलब ही नहीं है। उन्हें कभी किसी ने गंभीर राजनीति करते हुए देखा है?

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया वह मुश्किल से दो मिनट के लिए मीडिया के सामने आते हैं। कई ऐसे सत्र हैं, जिसमें उनकी उपस्थिति जीरो है। उसके बाद उनकी अपेक्षा होती है कि वो जब खड़े हों तो उनकी बात सुनी जाए। संसद के कुछ नियम और आचार संहिता हैं। नियम 349 के अनुसार कोई सदस्य सदन में बोलने के तुरंत बाद सदन नहीं छोड़ सकता। अगर कोई सदस्य बोलना चाहता है, तो उसे सदन में बैठना चाहिए। मुझे लगता है कि उन्होंने नियम नहीं पढ़े हैं। उन्हें सीखने की जरूरत है कि सरकार कैसे काम करती है, उन्हें यह मल्लिकार्जुन खड़गे से ही सीखना चाहिए। अगर किसी और से नहीं सीखना चाहते।

ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, एक प्रारंभिक रिपोर्ट और एक फाइनल रिपोर्ट होती है। यह अभी प्रारंभिक रिपोर्ट है। प्रारंभिक रिपोर्ट कहती है कि हम ऑपरेशन सिंदूर में जीत गए हैं। स्थायी रिपोर्ट तब बनाई जाएगी जब हम पीओके पर कब्जा कर लेंगे।

2003 में पहले भी हो चुका है SIR : SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान पर जवाब देते हुए भाजपा सांसद ने कहा, उनका बयान दर्शाता है कि उन्हें अपने पिता द्वारा पारित कानून की जानकारी नहीं है। क्योंकि युवा वोटरों को आकर्षित करने के लिए संसद में यह कानून राजीव गांदी द्वारा पारित कराया गया कानून है। 2003 में भी बिहार में ऐसा ही एसआईआर किया गया था।बुधवार को राहुल गांधी की एक्स पोस्ट को शेयर करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, ये तो आपके चुनावी डकैती की खबर है। गरीब लोगों को वोट नहीं देने दिया। गुंडे बदमाश से लुटवाना है

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