
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर सामूहिक विवाह समारोह में 305 जोड़े परिणय सूत्र में बंध गए। दोपहर में धाम में आयोजित वरमाला के बाद पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से आशीर्वाद लेने के दौरान वर-वधु भावुक हो गए और उनसे लिपटकर रोने लगे।
बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में रविवार को दोपहर में वरमाला का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान वर वधू को वरमाला के लिए 30-30 की संख्या मंच पर बुलाया गया। मंत्रोच्चार के बीच दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। पहले दुल्हन ने दूल्हे के गले में माला डाली, फिर दूल्हे ने दुल्हन के गले में माला डाली। वरमाला के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया। कुछ दूल्हा-दुल्हन भावुक हो गए। कुछ दुल्हनें बाबा से गले मिलकर रो पड़ीं, जबकि कुछ दूल्हे बाबा के पैरों में गिरकर रोने लगे और भावुक होकर आशीर्वाद लिया। मंच पर देशभर से साधु-संत मौजूद रहे।
समारोह में शामिल जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज भी शामिल हुए। उन्होंने वरमाला के दौरान कहा कि इस बार मैं इस शादी के लिए आया हूं। अब मैं 29 जून से 13 जनवरी तक एकांतवास में जा रहा हूं। मुझे लगता है कि अगले साल जब मैं आऊंगा, तो धीरेंद्र शास्त्री की शादी में आऊंगा। उन्होंने आगे कहा कि जब तक कैंसर हॉस्पिटल पूरा नहीं हो जाता, तब तक सामूहिक विवाद कार्यक्रम नहीं होंगे। अगली बार हम 1001 लड़कियों की शादी कराएंगें। दुआ करें कि अगली बार मैं जब आऊं, तो एक रिश्तेदार के तौर पर आऊं।
सामूहिक विवाह समारोह में नौ देशों के राजदूत शामिल हुए। इनमें उरुग्वे के अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला,अर्जेंटीना के मारियानो अगस्टिन कजिनो, पैराग्वे के फ्लेमिंग राउल डुआर्टे रामोस, इक्वाडोर के फर्नांडो एक्स. बुचेली वर्गास, चिली की वर्जीनिया पेट्रीसिया एन व्रीस, पेरू के जेवियर मैनुअल पॉलिनिच वेर्लाडे, अल साल्वाडोर के गुइलेर्मो रुबियो फ्यूनेस, पनामा के अलोंसो कोरेया मिगुएल, सूरीनाम की सुनैना परीक्षा रागनीदेवी मोहन शामिल हुए हैं। सभी देशों के राजदूत मंच पर मौजूद रहे।
