
रांची। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पेपर लीक मामले को लेकर मंगलवार को घेराव के दौरान एनएसयूआई और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हरमू रोड के भाजपा कार्यालय के सामने दोनों पार्टी के कार्यकतार्ओं के बीच बकझक हुई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी होने लगी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच में घुसकर दोनों पार्टी के कार्यकतार्ओं को हटाया। हालांकि दोनों ओर से प्रदर्शन जारी रहा। करीब पौन घंटे प्रदर्शन के बाद दोनों पार्टी कार्यकर्ता हटे और मामला शांत हुआ। बताया जा रहा है कि एनएसयूआई रांची महानगर की ओर से मंगलवार को आक्रोश मार्च निकाला गया। अध्यक्ष सतीश केसरी के नेतृत्व में आक्रोश मार्च हरमू मैदान से शाम के सवा पांच बजे निकला।
इसमें एनएसयूआई कार्यकर्ताओं व विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए भाजपा प्रदेश कार्यालय तक मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। भाजपा कार्यालय में मौजूद कार्यकतार्ओं ने इसका विरोध किया और सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विरोध करते हुए भाजपा कार्यकर्ता कार्यालय के गेट से बाहर निकल गए और एनएसयूआई कार्यकतार्ओं के साथ उलझ गए। इस आक्रोश मार्च में पवन नाग, संजीत साह, अंकिता, निश्चल सोय, मेराज खान, तल्हा अफरोज, चांद अंसारी, रोहन तिर्की, ऋतिक, निपुण, राहुल केसरी, अमृतांशु कुमार, कुणाल केसरी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। वहीं भाजपा की ओर अशोक बड़ाईक, शशांक राज, सूरज चौरसिया, नीरज सिंह, संजय चौधरी, रितेश तिवारी, सुबोध कांत सहित कई भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना था कि नीट पेपर लीक सिर्फ परीक्षा में अनियमितता नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में मेहनती छात्रों के सपनों, मानसिक स्थिति और भविष्य पर हमला है। देशभर में हजारों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं और जब व्यवस्था ही निष्पक्ष न रहे तो छात्रों का भरोसा टूटता है। मांग की गई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। कहा कि 10 दिनों के भीतर इस्तीफा नहीं दिया जाता है, तो एनएसयूआई कार्यकर्ता दिल्ली स्थित उनके आवास का घेराव करेंगे। पेपर लीक और उससे उत्पन्न परिस्थितियों के कारण जिन विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया, उनके मामलों में निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही, एनटीए को तत्काल भंग/प्रतिबंधित कर नई पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने व पेपर लीक रोकने के लिए कठोर और प्रभावी कानून बनाने की मांग की गई। इसके अलावा पेपर लीक में शामिल किसी भी व्यक्ति, संस्था या नेटवर्क पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।
आदिवासी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे कांग्रेस-जेएमएम : भाजपा नेता अशोक बड़ाईक और शशांक राज ने कहा कि कांग्रेस-जेएमएम सरकार झारखंड के आदिवासी-मूलवासी युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल एवं उत्पाद सिपाही जैसी परीक्षाओं में लगातार भ्रष्टाचार हुआ है और युवाओं के अधिकारों को बेचने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि आज राज्य का युवा जवाब मांग रहा है, लेकिन सरकार रोजगार और पारदर्शिता पर जवाब देने के बजाय युवाओं का मजाक उड़ाने का काम कर रही है। कभी अंडा, मुर्गी बेचो, बकरा सुअर पालो कहकर युवक के सपनों का मजाक उड़ाया जा रहा है.
