
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि बिहार का भविष्य डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक से संवरेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के समान अवसर उपलब्ध कराना है। स्मार्ट क्लास, लाइव लर्निंग और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में बिहार स्कूल लाइव क्लासेज का शुभारंभ किया गया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक शिक्षा ही विकसित बिहार की मजबूत नींव बनेगी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की आॅनलाइन कोचिंग क्लासेज के तहत पटना के 10 सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों में नि:शुल्क अनुशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। इसके तहत इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी स्कूल परिसर में ही कराई जाएगी। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा। अब विद्यार्थियों को महंगी कोचिंग के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य प्रतिभा को संसाधनों की कमी से पीछे नहीं रहने देना है। इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।लाइव क्लासरूम से जुड़े छात्र : जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मुख्यमंत्री को बिहार स्कूल लाइव क्लासरूम की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी हाई स्कूलों में इस व्यवस्था को शुरू करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने लाइव क्लासरूम के माध्यम से पढ़ाई की शुरूआत भी की। पटना के 10 चयनित मॉडल स्कूलों को इस डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा गया। नई व्यवस्था से विशेषज्ञ शिक्षकों की पढ़ाई एक साथ हजारों छात्रों तक पहुंच सकेगी। इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच और व्यापक होगी। तकनीक से लैस है स्कूल : विद्यालय में दो अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और इंटरएक्टिव पैनल आधारित शिक्षण प्रणाली का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने बायोलॉजी, फिजिक्स, आईसीटी और आईएसएम लैब का निरीक्षण किया। इसके साथ ही स्पोर्ट्स रूम और म्यूजिक रूम का भी जायजा लिया गया। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया गया।
