
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक संपन्न हो चुकी है और अब सभी कैबिनेट बैठकें ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ का हिस्सा बनाया जाएगा।
वैष्णव ने यहां पत्रकार वार्ता में केंद्रीय कैबिनेट और सीसीए बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संकल्प लिया है कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जो भारत की हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा तथा भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा कि 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने इसे भारत की ऐतिहासिक गुलामी से ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक बताया। साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों के काल में हुआ था। स्वतंत्रता के बाद से प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से संचालित होता रहा। इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में लिए गए अनेक ऐतिहासिक निर्णयों को देखा है।
वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक विभाजन, युद्ध, आपातकाल जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। यहीं से डिजिटल गवर्नेंस की ओर लंबी छलांग लगी और अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह भवन अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे व्यापक सुधारों को इसी परिसर से दिशा मिली। साथ ही अनुच्छेद 370 हटाने, तीन तलाक कानून, सर्जिकल स्ट्राइक और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्णय भी यहीं से लिए गए। मंत्री ने कहा कि आधुनिक, तकनीक-संपन्न और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘सेवा तीर्थ’ की स्थापना की गई है, जो कर्मयोगियों की कार्यक्षमता और सेवा भाव को और सुदृढ़ करेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शासन के केंद्र को औपनिवेशिक अतीत से ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
