
पटना । नीट पेपर लीक मामले (NEET Paper Leak Case) की जांच अब सीबीआई कर रही है। इस सिलसिले में दिल्ली से सीबीआई की एक टीम सोमवार सुबह पटना में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के ऑफिस पहुंची। एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई की टीम ईओयू से इस मामले से संबंधित सभी साक्ष्य एकत्र करने में जुटी है। इस मामले में ईओयू की टीम बिहार और झारखंड से 18 लोगों को गिरफ्तार और कई लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है।
ईओयू के एक अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान ईओयू ने अब तक जो साक्ष्य एकत्र किए हैं, उनमें पटना के एक घर से बरामद हुए जले हुए प्रश्नपत्र के टुकड़े, गिरफ्तार किए गए लोगों के मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप, पोस्ट-डेटेड चेक और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा उपलब्ध कराए गए संदर्भ प्रश्नपत्र शामिल हैं।
ईओयू के एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई की टीम सभी दस्तावेज और सबूत ले रही है, जिससे जांच को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि इसमें जले प्रश्न पत्र के टुकड़े, मोबाइल फोन, लोगों के बयान, लैपटॉप सहित कई चीजें हैं।
सीबीआई के अधिकारी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर पूछताछ के लिए दिल्ली भी ले जा सकती है। 5 मई को जूनियर इंजीनियर सिकंदर यादवेंदु की गिरफ्तारी के बाद नीट प्रश्नपत्र लीक मामले का खुलासा हुआ था। सिकंदर बिहार से पहले झारखंड की राजधानी रांची में रहता था। अभी तक की जांच से यह बात सामने आई है कि झारखंड से ही प्रश्नपत्र बिहार पहुंचा था।
मुख्य आरोपी ने अपनी आय के अधिक संपत्ति अर्जित की
अधिकारी ने आगे कहा कि गिरफ्तार आरोपी सिकंदर प्रसाद यादवेंदु, दानापुर नगर परिषद में जूनियर इंजीनियर है, उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया जा सकता है। उसने कथित तौर पर अपनी आय के अधिक संपत्ति अर्जित की है।
