
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में जारी हंगामे के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय दल की 28 जुलाई को बैठक होने वाली है। मंगलवार सुबह 9.30 बजे प्रस्तावित ‘मंगल मिलन’ में नीट पेपर लीक , प्रदर्शकारी छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर सदन में सरकार की रणनीति को लेकर चर्चा होने की संभावना है। बीजेपी ने लोकसभा और राज्यसभा के अपने सभी सदस्यों के इसमें शामिल होने का निर्देश दिया है। वहीं बैठक में शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू और अन्य क्षेत्रीय दलों के सांसद शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि सायोनी घोष, युसूफ पठान सहित टीएमसी के वे 20 बागी सांसद भी बैठक में मौजूद रहेंगे जो बाद में नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे।



संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में होने वाली एनडीए सदस्यों की यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है, जब केंद्र सरकार एंटी पेपर लीक कानून को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है और विपक्ष जंतर-मंतर पर आंदोलित छात्रों के साथ कथित ‘पुलिस बर्बरता’ के मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटा है।
दिलचस्प बात ये है कि एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने बिहार में छात्रों पर कार्रवाई का विरोध किया है। एलजेपी की सांसद शाम्भवी चौधरी ने बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एके-47 राइफल के इस्तेमाल और देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारी युवाओं पर लाठीचार्ज को गलत बताते हुए कहा, ‘हम इसके खिलाफ हैं।’
ऐसी रिपोर्ट्स पहले भी आ चुकी हैं कि एनडीए के कुछ सहयोगी दल बीजेपी से बोल चुके हैं कि छात्रों के मामले को सुलझाने की जरूरत है। एलजेपी खुलकर छात्रों के समर्थन में अपनी बात कह चुकी है। ऐसे में, इस बैठक में एंटी पेपर लीक बिल, छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज सहित अन्य मुद्दों पर बीजेपी संसद के दोनों सदनों में सरकार की रणनीति पर सहमति बनाने की कोशिश करेगी। साथ ही सहयोगी दलों से इम तमाम मसलों पर जिन पर विपक्ष हमलावर है, उससे पर विचार विमर्श करेगी।

