नई दिल्ली। राजस्थान के चित्तौडगढ़ जिले में डूंगला पुलिस ने एक ऐसी शातिर लुटेरी दुल्हन गैंग का भंडाफोड़ किया है। जिसमें महिला और उसका पति शामिल थे। महिला ने 25 से अधिक फर्जी शादियां कर लोगों से लाखों रुपये ठगे। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला और उसका पति मिलकर फर्जी शादियों के जरिए ठगी करते थे, जिसमें पति खुद को भाई बताता था। महिला ने अपने पति के साथ मिलकर फर्जी शादियों का जाल बिछाया और लोगों से नकदी व जेवरात लेकर फरार हो जाती थी। राजस्थान और मध्यप्रदेश में फैले इस गिरोह ने फर्जी शादियों के जरिए लोगों को ठगा। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

25 से अधिक फर्जी शादियां कर लोगों से लाखों रुपये ठगे : दरअसल,मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, चित्तौडगढ़ में पुलिस ने लुटेरी दुल्हन गैंग का भंडाफोड़ किया, जिसमें महिला और उसका पति शामिल थे। महिला ने 25 से अधिक फर्जी शादियां कर लोगों से लाखों रुपये ठगे। इस गिरोह की मास्टरमाइंड अनुराधा और उसके पति विशाल कुमार नामक महिला और पुरूष को गिरफ्तार कर लिया गया है। अनुराधा पर 25 से अधिक फर्जी शादियों के जरिए लोगों से लाखों रुपये ठगने का आरोप है। आरोप है कि हर बार उसका पति विशाल खुद को उसका भाई बताकर शादी करवाता था।

मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, किशन करेरी गांव के नेमीचंद ने 2024 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी शादी यूपी की अनुराधा से हुई थी, जो कुछ दिनों बाद 2 लाख रुपये लेकर फरार हो गई। जांच में पता चला कि अनुराधा पहले से ही एक मामले में सवाई माधोपुर जेल में बंद थी, लेकिन जमानत पर छूट चुकी थी। पुलिस को सूचना मिली कि अनुराधा भरतपुर में है। वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अपने पति विशाल के साथ मिलकर यह ठगी करती थी। विशाल खुद को उसका भाई बताकर लोगों से रिश्ता तय करवाता था। पुलिस ने शादी के समय दिए गए शपथ पत्रों की जांच की, जिसमें अनुराधा का आधार कार्ड नंबर मिला। इसी आधार पर पुलिस ने उसका पूरा रिकॉर्ड खंगाला और उसकी लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद उसे पकड़ा गया।

दलाल की तलाश जारी : अनुराधा और विशाल के साथ एक दलाल भी होता था, जो रिश्ते करवाने में मदद करता था। फिलहाल पुलिस अनुराधा और उसके पति को जेल भेज चुकी है और अब तीसरे साथी दलाल की तलाश कर रही है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि रिश्तों के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह समाज में सक्रिय हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी मदद से इस गिरोह का पदार्फाश हुआ है।

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