नई दिल्ली। मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। मोदी कैबिनेट ने शनिवार को यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दे दी है। इससे पहले नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) में बदलाव की मांग पर डॉ. सोमनाथन कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी थी। सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए एनपीएस में बदलाव का फैसला लिया है। इसके लिए डॉ. सोमनाथन कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ठढर में बदलाव के सुझाव दिए थे। इन्हीं सुझावों के आधार पर सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दी गई है।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी मिलने से सरकारी कर्मचारियों को काफी फायदा होगा। 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी स्कीम। 23 लाख सरकारी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। 25 साल नौकरी करने वालों को इस स्कीम का पूरा लाभ मिलेगी। नौकरी के अंतिम 12 महीने में मिली बेसिक का 50 फीसदी पेंशन मिलेगी। 10 साल की नौकरी करने वाले को 10 हजार का लाभ मिलेगा।

फैमिली पेंशन 60 फीसदी दी जाएगी। मतलब सरकारी कर्मचारी की मौत होती है तो उनके आश्रित को अंतिम पेंशन का 60 फीसदी मिलेगी। एनपीएस और यूपीएस दोनों में एक चुनने का विकल्प होगा। जो पहले से एनपीएस चुन चुके हैं उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। राज्य सरकार भी इसी मॉडल को लागू कर सकेगी। कर्मचारियों को अलग से अंशदान नहीं करना होगा। इसका 18 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी। कर्मचारी का योगदान एनपीएस की ही तरह दस प्रतिशत रहेगा। सरकारी कर्मचारियों को महंगाई इंडेक्सेशन का लाभ मिलेगा।

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