मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस को भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक बताते हुए मंगलवार को कहा कि इस विश्वास को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में बदलने का निर्णय लिया है जिसके तहत दोनों देशों की साझेदारी में भारत में हेलिकॉप्टर इकाई का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस ने लोगों और कंपनियों को दोहरे कराधान से बचाने के लिए भी समझौता किया है। इसके साथ ही भारत-फ्रांस स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई सेंटर और डिजिटल विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी केन्द्र की शुरूआत करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस एरोनॉटिक्स क्षेत्र में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र भी शुरू करेंगे। उन्होंने दुनिया में अनिश्चितता के दौर में भारत-फ्रांस साझेदारी को वैश्विक स्थिरता के लिए एक ताकत बताया।

श्री मोदी ने यहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ शिष्टमंडल स्तर और द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में ये घोषणाएं की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रÞांस के संबंध बहुत ही विशेष हैं। फ्रÞांस भारत के सबसे पुराने साझेदारों में से एक है और राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर हमने इस रणनीतिक साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास और साझा विजन के आधार पर दोनों देश अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

दोनों देशों की साझेदारी में भारत में हेलिकॉप्टर इकाई के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि, भारत और फ्रÞांस मिलकर, माउंट एवरेस्ट की ऊँचाइयों तक उड़ान भरने वाला, विश्व का एकमात्र हेलिकॉप्टर भारत में बनाएंगे और पूरे विश्व को निर्यात करेंगे यानि भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी की कोई सीमा नहीं है यह महासागर की गहराई से लेकर उंची चोटी तक पहुंच सकती है।

उन्होंने कहा कि यह वर्ष भारत और यूरोप के संबंधों में एक निर्णायक मोड़ है और इस वर्ष हमने यूरोपीय संघ के साथ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौता किया। उन्होंने कहा कि आपसी निवेश को बढावा देने के लिए आज हम समझौता कर रहे हैं जिससे हमारे लोगों और कंपनियों को दोहरा कर न देना पड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से निवेश, व्यापार तथा आवागमन को नयी ऊर्जा मिलेगी और यही साझा समृद्धि का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि दोनों देश भारत-फ्रांस स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई सेंटर और डिजिटल विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी केन्द्र की शुरूआत करेंगे साथ ही भारत-फ्रांस एरोनॉटिक्स क्षेत्र में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र भी शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ये मात्र संस्थान नहीं हैं ये भविष्य का निर्माण करने वाले प्लेटफार्म हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अनिश्चतता के इस दौर में भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए एक ताकत है।

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