
पटना। विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार सदन पहुंचे विधायकों का रंग-ढंग भी अनोखा दिखा। टेकारी से राजद विधायक अजय दांगी खुद ऑटो चलाकर विधानसभा पहुंचे। हालांकि, ऑटो का पास न होने के कारण उन्हें विधानमंडल की बाहरी गेट पर ही रोक दिया। विधायक अजय दांगी ने बताया कि उन्होंने लंबे समय तक ऑटो चलाया है, इसलिए वह ऑटो से ही पहले दिन सदन आए हैं। पहले दिन हवाई चप्पल पहनकर सदन आए।
उन्होंने कहा कि वह जमीन से जुड़े साधारण कार्यकर्ता है, जिन्हें पार्टी ने टिकट देकर विधायक बनाया। हवाई चप्पल में बहुत सहज महूसस होता है, इसलिए पहनकर आए हैं। विधायक का दायित्व बड़ा है, जिसे पूरा करने का प्रयास होगा।
सहरसा से इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक बने आईपी गुप्ता ने कहा कि विधायक बनकर एक संघर्ष खत्म हुआ है तो एक नया संघर्ष शुरू हो गया है। अब तांती पान समाज को आरक्षण दिलाने का संघर्ष है। विपक्ष का संख्या बल कम है, मगर मुद्दे कम नहीं हैं।
भूतपूर्व विधानसभा अध्यक्ष सदानंद सिंह के बेटे और जदयू के टिकट पर पहली बार विधायक बने शुभानंद मुकेश ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिस सेवा भाव से काम करते आ रहे हैं, उसी सेवा भाव से काम करने का उद्देश्य लेकर सदन आया हूं।
आईपीएस की वर्दी छोड़कर भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने आनंद मिश्रा ने कहा कि वह यहां बिहार की जनता के प्रतिनिधि के रूप में आए हैं। गर्व है कि यह मौका मिला है। प्रशासनिक अधिकारी का जो अनुभव है, वह जनता के लिए काम करने में मदद करेगा।
