इंफाल। दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम आने के ठीक एक दिन बाद पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया। सीएम एन बीरेन सिंह ने इंफाल के राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना त्यागपत्र सौंपा। दरअसल मणिपुर सीएम ने राज्य में जातीय हिंसा के बाद यह कदम उठाया है। इस हिंसा की देशभर में आलोचना हुई है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि मणिपुर सीएम ने आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद वापस आकर यह कदम उठाया है।

एन बीरेन सिंह ने अपने इस्तीफे में लिखा कि अब तक मणिपुर के लोगों की सेवा करना सम्मान की बात रही है। मैं केंद्र सरकार का बहुत आभारी हूं। उन्होंने समय पर कार्रवाई की, मदद की और विकास के काम किए। हर मणिपुरी के हितों की रक्षा के लिए कई परियोजनाएं भी चलाईं। मेरा केंद्र सरकार से अनुरोध है कि वह इसी तरह काम करती रहे।

मणिपुर की राजनीति में उथल-पुथल
बीरेन सिंह के इस्तीफे से मणिपुर की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है। देखना होगा कि राज्य में आगे क्या होता है? केंद्र सरकार की भूमिका भी अहम होगी। शांति बहाली के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उधर, सूत्रों की मानें तो अगले 2 दिन में बीजेपी नए सीएम का नाम तय करेगी।

जातीय हिंसा के चलते 250 से ज्यादा लोगों की मौत : दरअसल मई 2023 से मणिपुर में जातीय संघर्ष जारी है। राज्य दो हिस्सों में बंट गया है। घाटी में मेइती समुदाय का नियंत्रण है। पहाड़ियों पर कुकी समुदाय का दबदबा है। आरक्षण और अनुदान को लेकर हिंसा हुई थी। इसमें 250 से ज्यादा लोग मारे गए। 60,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए। 2024 के अंत में जिरीबाम में छह शव मिले। इसके बाद और विरोध प्रदर्शन हुए। कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।

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