
नई दिल्ली। म्यांमार के उत्तर-पूर्वी इलाके में रविवार को नामखाम टाउनशिप के काउंगटुप गांव की एक इमारत में हुए भीषण विस्फोट में 45 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। बचावकर्मियों और स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इमारत में खनन कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक पदार्थ रखे गए थे। द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह इलाका चीन की सीमा से लगभग तीन किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और यहां ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी का नियंत्रण है। यह एक जातीय सशस्त्र समूह है, जिसकी म्यांमार की केंद्रीय सरकार के साथ समय-समय पर झड़पें होती रही हैं। घटनास्थल पर पहुंचे एक बचावकर्मी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि रविवार शाम तक 46 शव बरामद किए जा चुके थे, जिनमें छह बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है। घायलों को टाउनशिप अस्पताल में भर्ती कराया गया है और राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है।नामखाम के एक अन्य बचावकर्मी ने बताया कि विस्फोट स्थल के आसपास 100 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।चीन के सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी ने बताया कि इस विस्फोट में कई लोगों की मौत और चोटें हुई हैं तथा आसपास के कई घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालांकि, चैनल ने मृतकों और घायलों की कोई आधिकारिक संख्या नहीं बताई।रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि विस्फोट उस स्थान पर हुआ, जहां खनन कार्यों में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी।स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को राहत, इलाज और पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध करा रहा है।ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में कहा कि जेलिग्नाइट नामक विस्फोटक उसके आर्थिक विभाग द्वारा खनन और पत्थर की खदानों में उपयोग के लिए रखा गया था। विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी जांच जारी है।जेलिग्नाइट विस्फोटक का उपयोग आमतौर पर खनन और चट्टानों को तोड़ने के कार्य में किया जाता है, लेकिन लंबे समय तक या गलत तरीके से भंडारण किए जाने पर यह काफी अस्थिर और खतरनाक हो सकता है।ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी, थ्री ब्रदरहुड अलायंस नामक विद्रोही गठबंधन का सदस्य है। इस गठबंधन और उसके सहयोगियों ने 2023 के अंत में उत्तर-पूर्वी म्यांमार में सेना के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया था, जिसके बाद नामखाम क्षेत्र पर उनका नियंत्रण हो गया। गठबंधन के सदस्य और अन्य जातीय सशस्त्र समूह लंबे समय से अधिक स्वायत्तता की मांग करते रहे हैं।पिछले वर्ष अक्टूबर में चीन की मध्यस्थता से हुई बातचीत के बाद ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी ने म्यांमार की सेना के साथ युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव अब भी बना हुआ है।
