
पटना। बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में नई क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू की जा रही है। मरीजों को अब टोकन नंबर दिए जाएंगे, जिससे उन्हें अपनी बारी का इंतजार व्यवस्थित तरीके से करना होगा। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। इसके अलावा, सदर अस्पतालों की सफाई व्यवस्था के लिए जीविका दीदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को ओपीडी में इलाज के लिए लंबी लाइन में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने अस्पतालों में कतार प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने का फैसला लिया है। इसके तहत, मरीजों को ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर टोकन नंबर दिया जाएगा, जिसमें संबंधित डॉक्टर का नाम होगा। यह व्यवस्था मरीजों को उनकी बारी का इंतजार व्यवस्थित तरीके से करने में मदद करेगी। इससे अस्पतालों में होने वाले विवादों में भी कमी आएगी। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने मंगलवार को बताया कि जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक, सभी जगह ओपीडी सेवा के लिए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों लोग ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं। पहले उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी मरीजों की ज्यादा संख्या होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों के बीच विवाद भी हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए अब अस्पतालों में कतार प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाया जा रहा है। इसके लिए अस्पतालों में टोकन डिस्प्ले डिवाइस और सूचना देने की व्यवस्था को और भी प्रभावी बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत, ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर मरीजों को टोकन नंबर दिया जाएगा। इस टोकन पर संबंधित डॉक्टर का नाम भी लिखा होगा। इससे मरीजों को अपनी बारी का इंतजार व्यवस्थित तरीके से करने में मदद मिलेगी।
