पटना। बिहार में एक महीने की मशक्कत के उपरांत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को राज्य के 243 विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। प्रारूप सूची में बिहार में सात करोड़ 24 लाख मतदाताओं के नाम प्रकाशित किए गए हैं। इसके साथ ही सभी जिलों में डीएम को भी इसकी सूची सौंपी गई है। डीएम ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों को प्रारूप मतदाता सूची की हार्ड कापी, साफ्ट कापी एवं छूटे मतदाताओं की सूची सौंप दी है। इसके साथ ही चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कोई भी मतदाता अपना नाम अपने बूथ की सूची देख सकता है। इधर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रारूप मतदाता सूची के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान राजनीतिक दलों से कहा गया कि अगर किसी मतदाता का नाम सूची में सम्मिलित नहीं है, तो उसका आवेदन शनिवार से आयोजित होने वाले विशेष कैंप में जमा कराने में सहयोग करें। अभी अंतिम मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए एक माह का समय है। प्रखंड व नगर निकाय कार्यालयों में लिए जाएंगे दावा-आपत्ति : शनिवार से मतदाताओं से दावा-आपत्ति (मतदाताओं से नाम जोड़ने, हटाने एवं संशोधित करने) की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आयोग के निर्देश के बाद राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालय एवं नगर निकाय कार्यालयों में विशेष शिविर लगाया जाएगा।

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 24 जून से अब तक बीएलओ एवं बीएलए से अप्राप्त राज्य में करीब 65.63 लाख मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में सम्मिलित नहीं किया जा सका है। जिनका नाम प्रारूप सूची में प्रकाशित नहीं हुआ है उसमें 22.34 लाख मतदाताओं के निधन हो चुका है।

7.01 लाख लोगों के नाम दो या दो से ज्यादा जगह दर्ज हैं। साथ ही राज्य भर में 36.28 लाख लोग बिहार से स्थायी रूप से प्रवासन कर चुके हैं या उनका पता नहीं चल सका है। 1.2 लाख लोगों के फॉर्म तीन बार बीएलओ के घर जाने के बाद भी नहीं मिला है।

अब नए मतदाता भरेंगे फॉर्म : नए मतदाता आॅनलाइन मतदाता सूची में नाम सम्मिलित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा हर प्रखंड एवं नगर निकाय कार्यालय क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालक अधिकारी कार्यालय में विशेष कैंप बनाए गए हैं। कैंप प्रतिदिन यानी सोमवार से रविवार तक सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुला रहेगा।

वोटर लिस्ट की जरूरी बातें
65.63 लाख मतदाताओं का नाम प्रारूप सूची में सम्मिलित नहीं होगा
दिवंगत मतदाताओं की संख्या – 22.34 लाख
दो या दो से ज्यादा जगह मतदाताओं के नाम – 7.01 लाख
राज्य से पलायन कर गए मतदाताओं की संख्या – 36.28 लाख

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