
वाशिंगटन ।अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में ‘फोर्थ ऑफ जुलाई’ पिकनिक के दौरान ऐतिहासिक टैक्स राहत और खर्च कटौती (वन बिग ब्यूटीफुल बिल) संबंधी विधेयक पर हस्ताक्षर किए। इस बहु-अरब डॉलर के घरेलू विधेयक को ट्रंप प्रशासन की दूसरी पारी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों और अपनी कैबिनेट के सदस्यों की मौजूदगी में व्हाइट हाउस के ड्राइववे पर बनाए गए विशेष मंच पर विधेयक पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने इसके बाद प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन द्वारा भेंट किए गए एक गेवेल (हथौड़े) को मेज पर बजा कर इसे ऐतिहासिक पल करार दिया।
ट्रंप ने कहा, “अमेरिका पहले से कहीं अधिक जीत रहा है। वादे किए, वादे निभाए और हमने उन्हें निभाया।” इस मौके पर अमेरिकी मरीन बैंड ने देशभक्ति गीतों के साथ 1980 के दशक के पॉप आइकन चाका खान और ह्यूई लुईस के गानों की धुनें भी बजाईं। ट्रंप ने विधेयक को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए “रॉकेटशिप” की संज्ञा दी। इस कानून में टिप्स और सोशल सिक्योरिटी इनकम पर टैक्स नहीं लगाने जैसे चुनावी वादे शामिल हैं।
ट्रंप ने भाषण के दौरान ईरान के खिलाफ हाल ही में किए गए बमबारी अभियान और सुप्रीम कोर्ट में अपनी हालिया जीतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे देश के जन्मदिन के मौके पर ‘विजय की श्रृंखला’ बताया।
छूट और खर्च में कटौती विधेयक बना कानून
ट्रम्प ने शुक्रवार को 4 जुलाई को पिकनिक मनाने आए लोगों के सामने कर छूट और खर्च में कटौती विधेयक पर साइन किए। रिपब्लिकन विधायकों और अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ, ट्रम्प ने व्हाइट हाउस ड्राइववे पर एक डेस्क पर मल्टीट्रिलियन डॉलर के विधेयक पर हस्ताक्षर किए, फिर सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन द्वारा उन्हें उपहार में दिए गए एक गैवल को नीचे पटक दिया, जिसका इस्तेमाल गुरुवार को बिल के अंतिम पारित होने के दौरान किया गया था।
क्या है कानून में
इस बिल में टिप्स और ओवरटाइम पर कोई टैक्स न लगाए जाने का प्रस्ताव है। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, “अमेरिका के लिए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इससे बेहतर तोहफा कोई नहीं हो सकता जितना ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ है। इस बिल के साथ 2024 में आयोवा की जनता से किए गए मेरे हर बड़े वादे को पूरा किया गया है। जैसा कि मैंने वादा किया था, हम ट्रंप टैक्स कट्स को स्थायी बना रहे हैं और अब न तो टिप्स पर टैक्स होगा, न ओवरटाइम पर टैक्स और न ही सोशल सिक्योरिटी पर टैक्स लगेगा। आयोवा के लिए सबसे अहम ये है कि यह बिल 20 लाख से अधिक पारिवारिक फार्मों को तथाकथित एस्टेट टैक्स या ‘डेथ टैक्स’ से बचाता है।”
