
नई दिल्ली। विपक्ष के मॉक पार्लियामेंट में कांग्रेस के लगाए गए आरोपों को भाजपा ने बिंदुवार जवाब देते हुए खारिज कर दिया। भाजपा प्रवक्ता व सांसद संबित पात्रा ने कहा कि वोट चोरी हुई थी जब पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पहले प्रधानमंत्री के रूप में सरदार वल्लभ भाई पटेल को मिले वोटों को अपने नाम कर लिया था। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष ने संसद का मजाक बना दिया है। एसआईआई की प्रशंसा खुद कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक और केरल में किया जा रहा है लेकिन दिल्ली में ऐसे सफेद झूठ दोहराए जा रहे हैं जिसपर सुप्रीम कोर्ट में स्थिति स्पष्ट हो गई है।
कांग्रेस और विपक्षी दलों के 34 लाख बीएलए देश भर में हैं। कोई भी बदलाव उनकी जनकारी में होता है। फिर वे क्या सो रहे थे। अगर विपक्षी दलों के कार्यकर्ता सो रहे थे तो फिर राहुल गांधी को असली संसद में नहीं नकली संसद में भी प्रधानमंत्री बनकर खुश हो जाना होगा। बीएलओ फार्म लेकर प्रत्येक वोटर के घर तीन बार आता है। फिर भी नहीं मिलता है तो ही सूची से हटाता है।बाद में भी फॉर्म-6 भरकर नाम कभी भी नाम जुड़वाया जा सकता है। छह करोड़ लोग जुड़ भी गए हैं। बाकी की प्रक्रिया चल रही है।



असली पार्लियामेंट में ये लोग सोते रहते हैं- पात्रा
संबित पात्रा ने मॉक पार्लियामेंट में आए सभी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि असली पार्लियामेंट में ये लोग सोते रहते हैं। आंख मारते हैं। हंगामा करते हैं। नेता प्रतिपक्ष तो लोकसभा से गायब ही रहते हैं। पात्रा ने मॉक पार्लियामेंट का अर्थ भी बताया और कहा कि इसका अर्थ है संसद का मखौल उड़ाना, जो विपक्ष कर रहा है।
भाजपा नेता ने विपक्ष के उस आरोप को भी बेमतलब बताया जिसमें दावा किया जा रहा है कि 13 करोड़ वोट काट दिए गए। पात्रा ने कहा कि अगर 13 करोड़ असली वोटरों के नाम कटे होते तो सभी अब तक सड़कों पर आ गए होते। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि इसमें से तीन करोड़ लोग मृत है, छह करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरिक हो चुके हैं, एक करोड़ से ज्यादा डुप्लीकेट है।
फॉर्म-6 में संशोधन के आरोपों को भी झूठ बताया और कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें सिर्फ घोषणा पत्र जोड़ा गया है। मगर खरगे के साथ परेशानी है कि जो व्यक्ति उन्हें ट्यूशन दे रहा है वह खुद पढ़ा हुआ नहीं है।

