
बेंगलुरु। बेंगलुरु भगदड़ मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर हादसे पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिये 10 दिनों का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होगी। उधर, इस हादसे को लेकर एक सामाजिक कार्यकर्ता ने राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।



हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सी.एम. जोशी की पीठ ने मामले से संबंधित मीडिया रिपोर्टों पर विचार करने के बाद स्वत: संज्ञान लिया और सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 10 जून यानी अगले मंगलवार तक मामले पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
हाई कोर्ट ने जश्न के दौरान एंबुलेंस और पुलिस की मौजूदगी को लेकर सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि हमारे पास इस दुर्घटना के कारण और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई सुझाव आए हैं, इस पर हम विचार करेंगे।
दरअसल, याचिकार्ताओं की ओर से कोर्ट के समक्ष स्टेडियम के पास अपर्याप्त व्यवस्था, स्टेडियम के सभी गेट न खोले जाने का मुद्दा उठाया गया। तब कोर्ट ने पूछा कि ऐसी घटनाओं से निपटने, राहत एवं बचाव अभियान के लिए कर्नाटक सरकार के पास क्या कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) है। कर्नाटक सरकार के अटॉर्नी जनरल (एजी) ने स्वीकार किया कि घटना के समय पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस की मौजूदगी नहीं थी।
इस बीच मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और आरसीबी के खिलाड़ियों के खिलाफ कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया गया है कि जन सुरक्षा में लापरवाही और प्रबंधन की विफलता के लिए सरकार जिम्मेदार है।
उल्लेखनीय है कि इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। डॉक्टरों के अनुसार घायलों में से 46 का इलाज किया गया और उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि 10 गैर-गंभीर हालत में अस्पताल में हैं।

