रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) प्रतियोगिता परीक्षा में रुपयों के बदले अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लेने वाले आरोपित दलाल राजन कुमार को सीआईडी (CID) ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है गिरफ्तार राजन कुमार मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना का रहने वाला है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों और अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया था।
इसके बाद सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने समन भेजकर उसे पूछताछ के लिए बुलाया और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। सीआईडी को छानबीन में राजन कुमार और अभ्यर्थियों के बीच बड़े पैमाने पर रुपयों के लेन-देन और वित्तीय ट्रांजेक्शन के ठोस सबूत मिले हैं।

सिंडिकेट का अहम मोहरा था राजन : जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार राजन जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन (ICN) के संचालक मिथिलेश सिंह के सिंडिकेट से सीधे तौर पर जुड़ा था। मिथिलेश सिंह भी मूल रूप से बिहार का ही निवासी है। विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के संचालन के दौरान राजन की मुलाकात मिथिलेश से हुई थी। मिथिलेश ने ही राजन को अभ्यर्थियों से संपर्क साधने, परीक्षा पास कराने की सेटिंग करने और वसूली का जिम्मा दिया था। राजन अभ्यर्थियों से पैसे जुटाकर मिथिलेश सिंह तक पहुंचाता था और इसके एवज में उसे भारी रकम (कमीशन) मिलती थी।

दिल्ली से पकड़े गए एजेंसी कर्मियों ने खोला था राज : कई अभ्यर्थियों ने इस सेटिंग के जरिए परीक्षा में सफलता भी हासिल की है। इससे पहले सीआईडी ने परीक्षा एजेंसी ICN के दो कर्मियों- सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
आठ दिनों की पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में दोनों कर्मियों (जो मिथिलेश के लिए वसूली और पेपर लीक से जुड़े काम देखते थे) ने दलाल राजन के ठिकाने और भूमिका की जानकारी दी थी। उसी इनपुट के आधार पर सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए राजन को धर दबोचा।

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