
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में विवाद और अनियमितताओं का असर प्रतियोगिता परीक्षाओं पर पड़ा है। आयोग ने सीआइडी जांच तथा अध्यक्ष पद से एल खियांग्ते के पद से इस्तीफा के बाद सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सहित नौ परीक्षाओं को अपरिहार्य कारण बताते हुए अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। आयोग के परीक्षा नियंत्रक ने बुधवार को इस संबंध में सूचना प्रकाशित कर दी। इन नौ प्रतियोगिता परीक्षाओं के माध्यम से कुल 502 पदाें पर नियुक्ति होनी है। इनमें संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई तक आयोजित होनेवाली थी।
इस परीक्षा के परिणाम पर ही सबसे अधिक विवाद है।परीक्षाओं के स्थगित किए जाने संबंधित सूचना में कहा गया है कि आयोग द्वारा नौ जुलाई को जारी कैलेंडर में शेष परीक्षाओं से संबंधित कार्यक्रम को भी अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है।
इसमें संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के अलावा आठ अन्य परीक्षाओं की तिथियां घोषित की गई थी। ये सभी परीक्षाएं अगस्त तथा सितंबर माह में आयोजित होनेवाली थीं।
संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा सहित अन्य विवादित परीक्षाएं रद भी हो सकती हैं। सबसे अधिक विवादित संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा है, जिसके परिणाम पर सवाल उठ रहे हैं। इस परीक्षा से संबंधित एक ओएमआर शीट वायरल है, जिसमें अनियमितता की संभावनाएं जताई जा रही हैं। विवादित एजेंसी टीडीपीएल तथा तत्कालीन प्रभारी परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के माध्यम से जिन परीक्षाओं का आयोजन किया गया, वे सभी रद की जा सकती हैं।


