
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार ने 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने की सूची जारी की है। इनमें वर्ष 2014 के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) से जुड़ी परीक्षाएं भी शामिल हैं।
सात IPS अधिकारियों की टीम करेगी जांच
झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, JPSC-JSSC से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए सात IPS अधिकारियों की टीम गठित की गई है। टीम की कमान ADG CID मनोज कौशिक को सौंपी गई है।
जांच टीम में सात IPS अधिकारियों के अलावा 12 DSP समेत करीब 50 पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई शिकायतों और अनियमितताओं की जांच करेगी। सरकार को करीब दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपे जाने की बात कही गई है।
45 परीक्षाओं की जांच का दावा
जांच के दायरे में एक साथ करीब 45 भर्ती परीक्षाओं को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें प्रमाणपत्र से जुड़े नियमों के कथित दोहरे मानदंड समेत अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए अन्य सवालों की भी जांच की जाएगी।
इन परीक्षाओं पर भी गिरी रद्दीकरण की गाज
सरकार की ओर से जारी सूची में कई महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल हैं। इनमें विश्वविद्यालयों में नॉन-टीचिंग पदों की भर्ती, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर, मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर, सहायक वन संरक्षक, सिविल जज, वन रेंज अधिकारी और सहायक लोक अभियोजक की भर्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025, 2023 की बैकलॉग भर्ती, फूड सेफ्टी ऑफिसर, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर, छठी लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर भर्ती, झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट 2024, फूड एनालिस्ट, फैक्ट्री इंस्पेक्टर, प्रोजेक्ट मैनेजर, बॉयलर इंस्पेक्टर, पांचवीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती 2013, कृषि अधिकारी, डेंटिस्ट, सहायक अभियंता और भूविज्ञानी-रसायनज्ञ जैसी परीक्षाएं भी सूची में शामिल हैं।
JPSC-JSSC में सुधार के लिए अलग समिति
सरकार ने भर्ती परीक्षाओं की जांच के साथ JPSC और JSSC में सुधार के लिए भी अलग समिति गठित की है। IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित यह समिति दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर सुझाव देगी। समिति को भी दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
सरकार के इन फैसलों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार को लेकर बड़ा कदम माना जा रहा है। अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही कथित अनियमितताओं की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

