
रांची। झामुमो ने बुधवार को चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। मोर्चा ने इसे मतदाताओं को प्रलोभन देने समेत भ्रष्ट आचरण बताते हुए चुनाव आयोग से कहा कि अगर भाजपा की गोगो दीदी योजना सही है तो झारखंड मुक्ति मोर्चा को झामुमो सम्मान योजना आरंभ करने की अनुमति दी जाए। इसके तहत झामुमो राज्य की महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देगी। महासचिव विनोद पांडेय के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन पदाधिकारी को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से आवेदकों को गोगो दीदी योजना के तहत पंजीकरण के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, पंचायत, ब्लाक, जिले का नाम आदि जैसे विवरण मांगे जा रहे हैं। इस योजना में हर महीने की 11 तारीख को प्रत्येक महिला को 2100 रुपये और प्रति वर्ष 25000 रुपये देने का वादा किया गया है।
यह एक चुनावी हथकंडा है और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 के तहत परिभाषित भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। किसी भी प्रकार की मुफ्त चीजों के वितरण का वादा सभी लोगों को प्रभावित करता है। एस सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु राज्य इसे माना गया था और भारत के चुनाव आयोग को दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया गया था, क्योंकि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
गत दो मई को चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को सर्वेक्षण के बहाने चुनाव के बाद लाभार्थी उन्मुख योजनाओं के लिए मतदाताओं का नामांकन और पंजीकरण बंद करने का निर्देश दिया था। भाजपा के पंपलेट में एक संलग्न फॉर्म है जिसमें मतदाताओं के विवरण जैसे नाम, आयु, पता, मोबाइल नंबर, बूथ संख्या, निर्वाचन क्षेत्र का नाम और संख्या आदि मांगी गई है। यदि भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी फार्म गोगो दीदी योजना चुनाव आयोग के दिशानिर्देश के विरूद्ध नहीं है तो हमें भी झामुमो सम्मान योजना लागू करने की अनुमति दी जाए।
