
रांची। झारखंड सरकार राज्य को आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। नई दिल्ली में बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में देश-विदेश की करीब 100 अग्रणी टेक एवं आईटी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश और नई नीतियों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम के पहले दिन गूगल, माइक्रोसॉफ्ट सहित कई प्रमुख वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ झारखंड सरकार की बैठक प्रस्तावित है। इसमें राज्य में संभावित निवेश, आईटी क्षेत्र के विकास और भविष्य की तकनीकों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित इस राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम में उद्योगपति, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, अर्थशास्त्री और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के सदस्य भी शामिल होंगे। सरकार अपनी नई टेक्सटाइल नीति समेत अन्य औद्योगिक नीतियों पर सुझाव लेकर उन्हें और प्रभावी बनाने की तैयारी में है।
इस दौरान पहली बार रांची IT पार्क को राष्ट्रीय स्तर पर निवेश प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। राजधानी के कोर कैपिटल एरिया में करीब 100.97 एकड़ में विकसित होने वाले इस आईटी पार्क की लोकेशन आईआईएम रांची और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण इसे निवेशकों के लिए उपयुक्त परियोजना के रूप में पेश किया जाएगा।
सरकार यह भी बताएगी कि झारखंड में हर साल 20 हजार से अधिक आईटी स्नातक उपलब्ध होते हैं। साथ ही झारखंड IT नीति-2023 के तहत 50 प्रतिशत पूंजीगत निवेश प्रतिपूर्ति, 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क छूट और 100 प्रतिशत बिजली शुल्क छूट जैसी प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी निवेशकों को दी जाएगी।
कार्यक्रम में ड्राफ्ट AI पॉलिसी-2026 भी पेश की जाएगी, जिसका उद्देश्य वर्ष 2026 से 2031 तक राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना है। प्रस्तावित नीति में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट AI मिशन के गठन, JAP-IT को नोडल एजेंसी बनाने और India AI के साथ इंटरऑपरेबल झारखंड AI क्लाउड विकसित करने की योजना शामिल है।
कार्यक्रम के दूसरे दिन 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य सरकार के साथ सीधे संवाद कर अपने सुझाव, अनुभव और अपेक्षाएं साझा करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से झारखंड में आईटी, एआई और डिजिटल उद्योगों में नए निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

