
रांची। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने महत्वपूर्ण पहल की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में अत्याधुनिक स्वास्थ्य तकनीक की उपलब्धता को लेकर जल्द ही जर्मनी और ओमान के साथ समझौता किया जाएगा। इसी उद्देश्य से उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बुधवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 32 देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों में विकसित अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, आधुनिक चिकित्सकीय उपकरण, नई दवाइयां, डिजिटल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे तकनीकी विकास का प्रदर्शन किया। डॉ. अंसारी ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और कंपनियों के प्रदर्शनी स्थलों का भ्रमण कर नई तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से एआई, रोबोटिक तकनीक, आधुनिक एमआरआई एवं सीटी स्कैन, कैंसर की दवाएं, डिजिटल स्वास्थ्य तथा अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों का गहन अध्ययन किया। इस दौरान सवास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, निदेशक औषधि, रितु सहाय समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य झारखंड को चिकित्सा और स्वास्थ्य तकनीक का केंद्र बनाना तथा हर व्यक्ति तक बेहतर उपचार पहुंचाना है।ओमान से कैंसर की दवाओं पर समझौते की पहल : स्वास्थ्य मंत्री ने ओमान समेत कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण बातचीत की। उन्होंने कहा कि ओमान के साथ जल्द स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में आपसी सहयोग की दिशा में काम किया जाएगा। ओमान में तैयार हो रही आधुनिक कैंसर की दवाइयों और उपचार से जुड़ी तकनीक को झारखंड तक लाने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। दुनिया में उपलब्ध नई और बेहतर दवाओं का लाभ झारखंड के मरीजों तक पहुंचे, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।जर्मनी की सीमेंस से रोबोटिक तकनीक पर होगी बातचीत: स्वास्थ्य मंत्री ने जर्मनी की सीमेंस के साथ रोबोटिक तकनीक और आधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों को लेकर विशेष तौर पर बातचीत की। इस दिशा में जनवरी में महत्वपूर्ण चर्चा प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित चिकित्सा का है। रोबोटिक शल्य चिकित्सा, एआई आधारित जांच, आधुनिक इमेजिंग सिस्टम और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देंगे।एमआरआई, सीटी स्कैन और एआई पर विशेष जोर : स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका विशेष ध्यान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक एमआरआई, सीटी स्कैन, रोबोटिक तकनीक, डिजिटल स्वास्थ्य और आधुनिक रोग-निदान प्रणालियों पर है। उनका प्रयास है कि दुनिया में स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध बेहतर तकनीक का लाभ झारखंड को मिले। सरकारी अस्पतालों को तकनीक और उपचार की गुणवत्ता के मामले में मजबूत किया जाएगा, ताकि गरीब और सामान्य परिवारों के मरीजों को भी आधुनिक चिकित्सा सुविधा मिल सके।झारखंड में होगा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तकनीक सम्मेलन : स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आगामी 30 सितंबर और 01 अक्तूबर को झारखंड में बड़ा मेडिकल एंड हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश की चिकित्सा कंपनियों, डॉक्टरों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोध संस्थानों और स्वास्थ्य तकनीक विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। सम्मेलन के माध्यम से एआई, रोबोटिक शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार, नई दवाओं, आधुनिक एमआरआई एवं सीटी स्कैन, डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।
