
रांची। झारखंड सरकार एक जनवरी 1948 में हुए खरसावां में हुए गोलीकांड की न्यायिक जांच कराएगी। यह घोषणा मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को की। मंत्री ने कहा कि इस घटना की जांच के लिए 9 जनवरी 2015 को समिति का गठन किया गया था। मामले में व्यािपक जांच पडताल की गई थी, लेकिन अब तक घटना में दो लोगों का ही नाम सामने आ सका है।
मंत्री ने कहा कि वहीं समिति की ओर से कहा गया है कि घटना के समय लगभग 50 हजार से एक लाख लोगों की भीड थी। साथ ही घटना की जांच के लिए समिति के सदस्य ओडिशा और पश्चिम बंगाल भी गए थे।
मंत्री ने कहा कि खरसावां गोलीकांड को लोग दूसरा जालियावाला हत्याकांड बताते हैं। इस मामले को झामुमो के विधायक दशरथ गगराई ने उठाया। उन्होंने सरकार से घटना में मारे गये लोगों को शहीद का दर्जा देने और मृतकों की संख्या का पता लगाने के लिए जांच कराने की मांग ध्यानाकर्षण सूचना के तहत की। उन्होंने कहा कि स्थोनीय लोगों के अनुसार घटना में मारे गए लोगों के शवों को पास में मौजूद कुएं में डाल दिया गया। साथ ही ट्रक पर शवों को लादकर पहाड पर फेंक दिया गया था।
विधायक ने कहा कि एक जनवरी पर जहां देशभर में नए साल का जश्नर मनाते हैं लेकिन उनके क्षेत्र के लोग नए साल में शोक में डूबे रहते हैं।
