
रांची। झारखंड कैडर की वरिष्ठ आइएएस अधिकारी एवं उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे को संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) के उपभोक्ता संरक्षण कानून एवं नीति पर अंतर सरकारी विशेषज्ञ समूह के नौवें सत्र का अध्यक्ष निवार्चित किया गया है।जिनेवा स्थित पैलेस डेस नेशंस में आठ जुलाई तक आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, नियामक संस्थाओं के प्रमुख विचार-विमर्श करेंगे। इस उच्चस्तरीय मंच की अध्यक्षता के लिए निधि खरे का निर्वाचन उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक साख, प्रभावी नेतृत्व और रचनात्मक भागीदारी का प्रमाण है।यह उपलब्धि उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण, उनके सशक्तिकरण तथा सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बाजार व्यवस्था के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है। बैठक के प्रमुख एजेंडों में सतत उपभोग को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ता सूचना, जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों तथा विभिन्न देशों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान भी शामिल है। इसमें डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ उपभोक्ताओं के समक्ष उभर रही नई चुनौतियों के समाधान पर भी विशेष मंथन किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि हाल ही में उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख डिजिटल मंच ‘ई-जागृति’ को जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (एनएईजी) 2026 के अंतर्गत रजत पुरस्कार से सम्मानित किया गया।यह सम्मान विभाग द्वारा डिजिटल सुशासन और उपभोक्ता सेवा वितरण में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर उपभोक्ता हितों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए उपभोक्ता मामले विभाग की सक्रिय भूमिका भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रही है।
