
कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों, बाजारों में रौनक है। पंडितों के अनुसार 26 अगस्त को पूजन मुहूर्त रात्रि 11.57 बजे से रात्रि 12.42 बजे तक का है। व्रत 20 करोड़ एकादशी का फल देने वाला व्रत है। कई वर्षों बाद अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र व वृष राशि के चंद्रा में भगवान कृष्ण जन्म लेंगे। भगवान कृष्ण भगवान शिव के दिन सोमवार को जन्म लेंगे। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 3.54 बजे से 27 तारीख सुबह 6.00 बजे तक रहेगा। अष्टमी तिथि सुबह 3.19 बजे से शुरू होगी, जो रात्रि एक 2.19 बजे तक, 27 तारीख की 2.00 बजे 2.19 तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र दोपहर में 3.54 बजे से शुरू हो जाएगा जो अगले दिन दोपहर 3.37 बजे तक रहेगा। इस बार 26 अगस्त को रात्रि में चंद्रोदय 11.24 बजे तक होगा।
इस वर्ष 26 अगस्त को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है और चंद्रमा वृषभ राशि, रोहिणी नक्षत्र होने से एक विशेष योग निर्मित हो रहा है। इसीलिए इस वर्ष जन्माष्टमी सुख, समृद्धि और मनोवांछित फल देने वाली मानी जा रही है। वहीं इसके साथ ही जन्माष्टमी के दिन, शश राजयोग और गुरु चंद्र युति के कारण गजकेसरी योग का भी निर्माण हो रहा है। इन दुर्लभ संयोगों का असर सभी राशियों पर पड़ता है। चार राशियों के लिए जन्माष्टमी बेहद खास है।
मेष
लंबे समय से रुके हुए काम को गति मिलेगी। अचानक कोई धन लाभ मिल सकता है।
वृषभ
आप सबके दिल जीतने में कामयाब होंगे। विवाह संबंधी बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।
सिंह
मान-सम्मान मिलेगा और नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए यह समय अनुकूल है।
कुंभ
भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा बनी रहेगी। जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होगी। आपकी लाइफ में कान्हा जी खुशियां ही खुशियां ला रहे हैं।
