
नई दिल्ली । भारत में जीएसटी कलेक्शन ने अप्रैल में एक नया रेकॉर्ड बनाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह 12.6% बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पिछले महीने यानी मार्च में यह कलेक्शन 9.9% बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये था। अप्रैल का यह जीएसटी कलेक्शन पाकिस्तान के एक साल के रक्षा बजट के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा है।
स्वीडन के थिंक टैंक SIPRI की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में पाकिस्तान ने रक्षा पर 10.2 अरब डॉलर (करीब 86 हजार करोड़ रुपये) खर्च किए। वहीं भारत का अप्रैल का जीएसटी कलेक्शन 2.37 लाख करोड़ रुपये हो गया यानी पाकिस्तान के रक्षा बजट के मुकाबले 2.75 गुना।
अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 2.10 लाख करोड़ रुपये था। यह 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन था। मार्च 2025 में यह कलेक्शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था। देश में हुए लेनदेन से जीएसटी राजस्व 10.7% बढ़कर लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं, आयातित वस्तुओं से राजस्व 20.8% बढ़कर 46,913 करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल में रिफंड जारी करने में 48.3% की वृद्धि हुई और यह 27,341 करोड़ रुपये रहा।
फरवरी में जीएसटी कलेक्शन 9.1% बढ़कर 183,646 करोड़ रुपये हो गया था। यह घरेलू स्रोतों से हुई अच्छी कमाई के कारण हुआ था। जनवरी में GST कलेक्शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले साल के मुकाबले 12.3% अधिक था। दिसंबर में, GST कलेक्शन 1.77 लाख करोड़ रुपये था। यह पिछले साल के मुकाबले 7.3% अधिक था। नवंबर में यह वृद्धि 8.5% थी, जो त्योहारों के बाद खपत में कमी के कारण कम हो गई थी। बजट में सरकार ने जीएसटी राजस्व में 11% की वृद्धि का अनुमान लगाया है। सरकार का अनुमान है कि सेंट्रल GST और मुआवजा उपकर सहित कुल कलेक्शन 11.78 लाख करोड़ रुपये होगा।
