रांची। रिम्स के सेंट्रल लैब की सुविधा अब मरीजों के लिए सातों दिन चौबीस घंटे उपलब्ध है। रिम्स में चार ब्लड कलेक्शन काउंटर कार्यशील हैं। इससे काउंटर पर भीड़ में काफी कमी आई है। साथ ही भीड़भाड़ के समय में चार अतिरिक्त काउंटर शुरू करने की योजना है। यह जानकारी रिम्स के निदेशक डॉ राजकुमार ने गुरुवार को रिम्स सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में रिम्स निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि जांच की रिपोर्ट देने के लिए दो काउंटर शुरू किया गया गया है। साथ ही अधिकांश टेस्ट की रिपोर्ट उसी दिन उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतिदिन लगभग 560-580 सैंपल लिए जा रहे हैं और करीब 4000 जांचें की जा रही हैे।

एलआईएस एकीकरण की शुरूआत : निदेशक ने बताया कि अगले 10 दिनों में लैब इंफॉर्मेशन सिस्टम (एलआईएस) शुरू हो जाएगा। इसके लिए एनआईसी और एलआईएमएस की टीमें मिलकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि एक बार एलआईएस लागू होने पर भर्ती मरीजों के सैंपल का संग्रहण भी शुरू हो जाएगा। इसके माध्यम से सभी रिपोर्ट एक ही स्थान पर आॅनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों और डॉक्टरों को बड़ी सुविधा होगी।

अत्याधुनिक उपकरण लगेंगे : उन्होंने कहा कि आनेवाले दिनों में रिम्स भविष्य में हाई थ्रोपुट इंस्रूमेंट लगाए जाने की योजना है। इसके बाद ब्लड कलेक्शन के चार घंटे के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा सकेगी।

डेंटल इंस्टिच्यूट में ओटी और आईपीडी सेवा शुरू : उन्होंने कहा कि डेंटल इंस्टिट्यूट में आॅपरेशन थियेटर और इनडोर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इसमें पुरुषों के लिए 12, महिलाओं के लिए 11 और तीन रिकवरी आईसीयू बेड की व्यवस्था है। अब तक 12 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें से कुछ को छुट्टी दी जा चुकी है। वहीं अब तक पांच मामले लोकल एनेस्थेसिया के अंतर्गत आॅपरेट हो चुके हैं और जनरल एनेस्थेसिया का पहला केस शनिवार को किया जाएगा। निदेशक ने बताया कि मैनपावर टेंडर अंतिम चरण में है, कुछ न्यायिक आपत्तियों पर कार्यवाही के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके अलावा किचन के टेंडर की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में हैे उन्होंने कहा कि अब तक इस वित्तीय वर्ष में 55 करोड़ रुपये की खरीदारी की जा चुकी है और 70-80 करोड़ रुपये की खरीद प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि सीनियर रेजिडेंट की नियुक्तियां की जा रही हैं। अस्पताल में आपातकालीन क्षेत्र में भीड़ को कम करने के लिए आॅन्कोलॉजी ब्लॉक में 94 अतिरिक्त बेड्स की व्यवस्था की जा रही है। पीडब्यूीडी विभाग जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करेगा।

निमार्णाधीन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (आरओआई) भवन का हस्तांतरण अगस्त में होने की संभावना है। इसके बाद इसका उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 140 नर्सों की भर्ती में कुछ आपत्तियों के साथ फाइल रिम्स को वापस प्राप्त हुई है। इसका जल्द समाधान कर पुन: प्रस्तुत किया जाएगा।

एमआरआई टेस्ट शुरू होने में लगेगा समय : डॉ राजकुमार ने बताया कि एमआरआई की सुविधा शुरू होने अभी कुछ और महीने लग सकते हैं। इस बीच, हम 1.5 से 2 किमी की परिधि में स्थित उन एमआरआई सुविधाओं के लिए ईओई (एक्संपेंशन आॅफ इंटरेस्ट) निकालेंगे, जो हमारे नियम और शर्तों को स्वीकार करते हैं ताकि हम उनके माध्यम से यह सेवा मरीजों को उपलब्ध करा पाएं।

मौके पर रिम्स के उपाधीक्षक-एक डॉ अजय कुमार, सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी डॉ राजीव रंजन, जीन एवं जीनोमिक्स विभागाध्यक्ष डॉ अनूपा प्रसाद, प्रशासनिक पदाधिकारी अनूप श्रीवास्तव उपस्थित थे।

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