
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद शशि थरूर को यूएस में एक अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा, जब एक ब्रीफिंग के दौरान उनके बेटे ने ही उनसे सवाल पूछ लिया। हम बात कर रहे शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की, जो वाशिंगटन पोस्ट के लिए वैश्विक मामलों के कॉलम लिखते हैं। कांग्रेस सांसद थरूर जब यूएस में विदेश नीति के एक्सपर्ट्स, राजनयिकों और पत्रकारों के बीच मौजूद थे, तभी भीड़ से एक जानी-पहचानी आवाज आई। थरूर ने आवाज को पहचान हंसते हुए कहा कि यह नहीं होना चाहिए। यह मेरा बेटा है।



अमेरिका में बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर से गुरुवार को उनके पत्रकार बेटे ने सवाल पूछा कि क्या सरकारी वार्ताकारों ने पहलगाम हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के सबूत मांगे थे। इस पर थरूर ने कहा कि भारत ने बिना पुख्ता सबूत के ऑपरेशन सिंदूर नहीं चलाया। थरूर ने आगे कहा कि सीधे शब्दों में कहूं तो, किसी को कोई संदेह नहीं था, और हमसे सबूत नहीं मांगा गया। हालांकि, मीडिया ने जरूर पूछा। दो-तीन जगहों पर ऐसे सवाल पूछे गए।
ईशान थरूर ने ऐसे रखी अपनी बात : ‘काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ में बातचीत के दौरान जब वाशिंगटन पोस्ट में वैश्विक मामलों के स्तंभकार उनके बेटे ईशान थरूर उनसे सवाल पूछने के लिए खड़े हुए, तो थरूर ने हंसते हुए कहा कि इसे प्रश्न पूछने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। यह मेरा बेटा है। ईशान ने कहा कि मैं ईशान थरूर, वाशिंगटन पोस्ट। निश्चित रूप से व्यक्तिगत हैसियत से सवाल पूछ रहा हूं।
बेटे के सवाल पर पिता थरूर का करारा जवाब
ईशान थरूर ने कहा कि क्या किसी सरकारी वार्ताकार ने आपसे शुरुआती हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के सबूत मांगे हैं? और शुरुआती हमले में किसी भी तरह का हाथ होने से पाकिस्तान के बार-बार इनकार के बारे में आप क्या कहेंगे? थरूर ने दर्शकों की हंसी के बीच जवाब दिया कि मुझे बहुत खुशी है कि तुमने यह मुद्दा उठाया, ईशान। किसी को कोई संदेह नहीं था, और हमसे सबूत नहीं मांगे गए थे, लेकिन मीडिया ने पूछा था, और दो या तीन स्थानों पर मीडिया ने यह सवाल पूछा।
थरूर ने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि भारत ने बिना पुख्ता सबूत के ऐसा नहीं किया। थरूर ने आगे कहा कि हमने उनसे निपटा। हमने या तो आतंकवादियों को पकड़ा या उन्हें मार डाला, कम से कम नुकसान हुआ, बहुत कम जान गई। इस हमले में एक परिष्कृत, योजनाबद्ध, जानबूझकर किए गए ऑपरेशन के सभी लक्षण थे। इसमें रेकी की गई थी, खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया गया था, और एक तौर-तरीका तैयार किया गया था। लोगों से उनका धर्म पूछने और उन्हें आंखों के बीच गोली मारने का यह एक निंदनीय तरीका था।
पाकिस्तान को जमकर सुनाया : कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि भारत के पास पाकिस्तान से होने वाले आतंकवादी हमलों का 37 साल का इतिहास है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी यह नहीं भूले हैं कि पाकिस्तान ने कथित तौर पर ओसामा बिन लादेन के बारे में तब तक नहीं जाना जब तक कि वह एक पाकिस्तानी छावनी शहर में एक सेना शिविर के ठीक बगल में एक सुरक्षित घर में नहीं मिला। थरूर ने मुंबई आतंकी हमलों को याद करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने उनसे किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया था।

