नयी दिल्ली, एजेंसियां : आईएलएंडएफएस समूह ने शेयरधारकों की मंजूरी के बिना कुछ कटौती (हेयरकट) के साथ अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए एनसीएलएटी का रुख किया है। इन दिवालिया कंपनियों को गैर-टिकाऊ ऋण के साथ समाधान ढांचे की श्रेणी-2 के तहत रखा गया है।

श्रेणी-2 के तहत आने वाली समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए आईएलएंडएफएस के अंतरिम आवेदन पर इस सप्ताह की शुरुआत में अंतिम सुनवाई हुई।

इस दौरान सरकार ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इन कंपनियों के लिए मिली अधिकतम बोली उनके कर्ज से कम है।

ऐसे में ऋणदाताओं के साथ ही शेयरधारकों को भी अपने संबंधित ऋण और इक्विटी में कटौती करनी होगी।

आईएलएंडएफएस ने कहा कि यदि ऐसा किया गया तो इससे हितधारकों के हितों को संतुलित करने के साथ ऐसी इकाइयों के पुनरुद्धार का रास्ता भी साफ होगा।

आईएलएंडएफएस ने कहा कि ऐसी कंपनियों का समाधान आईबीसी के तहत अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के अनुरूप है, जहां शेयरधारकों की मंजूरी लेने की जरूरत को खत्म कर दिया गया है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version