पटना। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. निहोरा प्रसाद यादव एवं शंभूनाथ सिन्हा ने संयुक्त रूप से जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरजेडी के बुधवार का प्रस्तावित लोक भवन मार्च छात्रों के हितों की लड़ाई नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव की गिरती राजनीतिक साख बचाने की एक सोची-समझी राजनीतिक नौटंकी करार दिया। तेजस्वी यादव से सवाल पूछते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में छात्रों के हितों की इतनी ही चिंता है, तो झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और इसके विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?

जदयू नेताओं ने कहा कि बिहार में छात्रों के नाम पर मार्च निकालने वाले तेजस्वी यादव झारखंड के छात्रों के सवाल पर आखिर मौन क्यों हैं? झारखंड में आंदोलनरत छात्रों से तेजस्वी यादव ने न तो वहां जाकर मुलाकात की, न उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की और न ही उनके समर्थन में कोई ठोस पहल की। बता दें कि मंगलवार को तेजस्वी ने गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे टीआरई-4 अभ्यर्थियों से मुलाकात की और इसके बाद सरकार को शिक्षा व्यवस्था पर घेरा। तेजस्वी ने यह भी कहा कि पेपर लीक इसलिए हो रहे हैं, क्योंकि यह सरकार वीक है।

दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख बनाने तथा प्रदेश के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल को राज्य के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी दी। राज्यपाल ने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के हित में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और समावेशी विकास को निरंतर प्राथमिकता देने पर बल दिया।

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