
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता मामले में सीआईडी की टीम ने अभय तिवारी की पत्नी और भाई को पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर सीआईडी मुख्यालय पहुंची। यहां से दोनों न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे और उसके बाद दोनों कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिए जाएंगे। जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच के बाद से अब तक सीआईडी ने कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभय तिवारी ने सीआईडी को पूछताछ में जेपीएससी व जेएसएससी मेधा घोटाले के बड़े सिंडिकेट को उजागर किया था। उसने बताया था कि सभी परीक्षाओं में रुपयों के बल पर सेटिंग होती थी। पेपर लीक होता था, कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में भी रिमोट एक्सेस से रुपये देने वाले अभ्यर्थियों को सफल कराया जाता था। ओएमआर शीट में हेराफेरी कर रुपये देने वाले अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए जाते थे। इसका लाभ उठाकर उसने अपने अलावा अपने आधा दर्जन रिश्तेदारों की भी नौकरी लगवा दी थी। सीआईडी ने जांच के क्रम में ही वर्तमान में उसके दोनों रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है।
पोस्टर में भी खुला था अभय तिवारी का राज : जेपीएससी, जेएसएससी की परीक्षाओं में धांधली के विरोध में 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दिन छात्रों के आंदोलन के दौरान एक पोस्टर ने भी अभय तिवारी के करतूत का राज खोला था। लहराए गए पोस्टर के केंद्र में अभय तिवारी था और उसके चारो तरफ उसके वे रिश्तेदार, उनके नाम व उनसे जुड़ी तस्वीरें थीं, जो सफल हुए थे। पोस्टर के अनुसार सभी रिश्तेदार वर्तमान में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) के पद पर तैनात थे। सीआईडी ने उन सभी रिश्तेदारों का सत्यापन शुरू कर दिया है। अभय तिवारी स्वयं गोड्डा के पोड़ेयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद चयनित हुआ था। उसकी गिरफ्तारी भी वहीं से हुई थी।
पोस्टर के अनुसार अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी, अभय के भाई की पत्नी सुषमा कुमारी, अभय तिवारी का साला (बीएसओ में चयनित), भाई (बीएसओ में चयनित), भाभी (बीएसओ में चयनित), साली (बीएसओ में चयनित), ममेरा भाई उपेंद्र मिश्रा (बीएसओ, रैंक-51), चाचा के साढ़ू का बेटा तेजनारायण पंडित (बीएसओ, रैंक 68), मौसा के भाई का बेटा बापी कुमार मिश्रा (बीएसओ, रैंक 124), साला का मौसेरा भाई विक्रम पांडेय (बीएसओ, रैंक 127), बहनोई का भतीजा सुमित कुमार तिवारी (बीएसओ, रैंक 143) सफल हुए थे। सीआईडी सभी सूचनाओं का सत्यापन कर रही है। गलत तरीके से सफल होने वालों की गिरफ्तारी होगी।
अब तक 24 आरोपी गिरफ्तार : जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते, उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, दोनों तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद, तीन अन्य कर्मी हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार, जेपीएससी का कर्मचारी सोनू कुमार व अभय तिवारी का सहयोगी अरविंद कुमार, 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गलत तरीके से चयनित एक अभ्यर्थी सुमन सौरभ, उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा व मनोज कुमार के अलावा तीन दलाल उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत व रमेश कुमार, टीडीपीएल का अकाउंटेंट रक्षक सिंह, जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते का कंप्यूटर आपरेटर धर्मेंद्र कुमार, बिंसिस टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक अरुण कुमार उर्फ अरुण शर्मा, जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक ब्रज कुमार राम, अभय तिवारी का भाई अक्षय तिवारी व अभय तिवारी की पत्नी सुष्मिता तिवारी।
