
पटना। बिहार में 20 अगस्त से चल रहे जमीन सर्वे को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा कि जमीन सर्वे को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग उनकी समस्याओं को समझता है और समाधान के लिए तैयार है। कहा कि कई लोगों की जमीन आज भी दादा-परदादा के नाम से है और ऑनलाइन नहीं है। ऐसे में जमीन के कागजात निकालने के लिए (खतियान, जमाबंदी पंजी, लगान रसीद ) सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं हैं। सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अगर नहीं है तो ऑफलाइन पुराना रसीद से भी काम हो जाएगा।
मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने बताया कि लोग अपने मोबाइल या लैपटॉप से विभाग की वेबसाइट पर जाकर जरूरी दस्तावेज देख सकते हैं और उन्हें प्रिंट कर सकते हैं। इन प्रिंट की हुई कॉपी को स्वघोषणा के साथ विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। अगर आपके पास पूरे कागजात नहीं है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है, आप स्वघोषणा जरूर करें। उन्होंने साफ किया कि स्वघोषणा के लिए अभी कोई आखिरी तारीख तय नहीं की गई है।
16 करोड़ राजस्व दस्तावेज ऑनलाइन
उन्होंने जानकारी दी कि विभाग ने लगभग 16 करोड़ राजस्व दस्तावेजों को डिजिटल कर ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। इनमें लगभग 35 हजार गांवों के खतियान भी शामिल हैं। इन दस्तावेजों की मदद से लोग अपने पुरखों की जमीन की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा पूरी तरह से फ्री है। मंत्री ने बताया कि जमीन सर्वे के लिए पुराने लगान रसीद भी मान्य हैं, ऑनलाइन रसीद की कोई जरूरत नहीं है। वंशावली को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि वंशावली आपको खुद बनानी है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति या कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है और न ही इसे सत्यापित करवाना है। आपको अपनी वंशावली एक सादे कागज पर लिखकर स्वघोषणा के साथ संलग्न करनी है।
12 तरह के दस्तावेज मिलेंगे ऑनलाइन
डॉ दिलीप जायसवाल ने बताया कि लोग 12 तरह के राजस्व दस्तावेजों की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सरकार को मामूली शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा। ये दस्तावेज आपको घर बैठे ही मिल जाएंगे। इसके लिए आपको विभाग की आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाकर भू-अभिलेख पोर्टल पर क्लिक करना होगा। भू अभिलेख पोर्टल bhuabhilekh.bihar.gov.in से आप 12 तरह के दस्तावेज ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। इनमें कैडस्ट्रल खतियान, रिविजनल खतियान, जमाबंदी पंजी प्रति, दाखिल खारिज वाद अभिलेख, राजस्व मानचित्र, दाखिल-खारिज पंजी, बंदोबस्ती अभिलेख, चकबंदी अभिलेख, भू-अर्जन अभिलेख, सीलिंग पंजी, लगान निर्धारण अभिलेख और मापी वाद अभिलेख शामिल हैं।
