पटना । प्रशांत किशोर ने कहा है कि इस चुनाव में या तो वे अर्श पर होंगे या फर्श पर। मतलब, या तो उन्हें सत्ता मिलेगी या कुछ नहीं। अगर उनकी पार्टी के 10-20 विधायक जीतते हैं, तो वे उन्हें अपनी मर्जी से कहीं भी जाने के लिए कह देंगे और खुद फिर से शुरुआत करेंगे। उनका कहना है कि वे विधायक बनने नहीं आए हैं। अगर बिहार में बहुमत की सरकार नहीं बनती, तो वे पांच साल और संघर्ष करेंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव में बवंडर की तरह आए प्रशांत किशोर ने कहा कि इस इलेक्शन में या तो अर्श पर होंगे या फर्श पर। मतलब, या तो उन्हें सत्ता मिलेगी या फिर बिल्कुल नहीं मिलेगी। लेकिन, बीच वाली स्थिति होती है तो प्रशांत किशोर क्या करेंगे? मतलब, 10-20 विधायक उनकी पार्टी से जीतते हैं तो फिर प्रशांत का फैसला क्या होगा? एक इंटरव्यू में उन्होंने इसका बड़े ही खुले मन से जवाब दिया। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मान लिया जाए, काल्पनिक तौर पर 10-20-25 विधायक जीत गए तो मैं उनको कहूंगा कि भैया जहां जाना है, वहां जाओ..मुझे फिर से शुरू करना है। मैं फर्श पर ही रहूंगा। प्रशांत किशोर ने दावे के साथ कहा कि मैं उनको छोड़ दूंगा, कह दूंगा कि जाओ भाई किसी दूसरे दल में शामिल हो जाओ। प्रशांत किशोर ने कहा कि ये कोई बड़ी बात नहीं है, मैं यहां विधायक बनने नहीं आया हूं। अगर सरकार (बिहार) बहुमत की नहीं बनी तो प्रशांत किशोर पांच साल फिर से संघर्ष करेंगे।

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