
रांची । रातू रोड स्थित इंद्रपुरी रोड नंबर-9 में स्थित एक मंदिर में पुजारी संध्या आरती कर रहे थे। इसी दौरान आचार्य रजनी कांत मिश्रा को अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) आ गया। हार्ट अटैक होते ही पुजारी सीना पकड़कर जमीन पर गिर पड़े और उनका मौके पर ही निधन हो गया। भगवान की भक्ति में लीन पुजारी ने भक्तों के सामने ही पूजा स्थल पर दम तोड़ दिया।



प्रत्यक्षदर्शियों और मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम आचार्य रजनी कांत मिश्रा हर रोज की तरह शाम को हर दिन की भांति भगवान की संध्या आरती कर रहे थे। मंदिर भजनों और शंखनाद से गूंज रहा था। श्रद्धालु श्रद्धाभाव से आरती में शामिल थे। इसी बीच अचानक आचार्य मिश्रा की तबीयत बिगड़ी, वे असहज हुए और पलक झपकते ही पूजा स्थल पर अचेत होकर गिर पड़े। पुजारी को अचानक गिरता देख मंदिर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरती में शामिल श्रद्धालु तुरंत उनकी मदद के लिए आगे बढ़े।
घटना के वक्त मंदिर में वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश सिंह और भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। उन्होंने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा और तुरंत आचार्य मिश्रा को नजदीकी अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों के मुताबिक, रांची के अस्पताल लाने से पहले ही उनका निधन हो चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि आचार्य रजनी कांत मिश्रा एक बेहद सरल, सौम्य और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। ईश्वर की आराधना करते हुए उनका इस तरह चले जाना सभी को गहरा सदमा दे गया है।

