नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के पड़ोस के सात देशों के नेताओं को निमंत्रण दिया गया है। सूत्रों के अनुसार नेपाल, भूटान, बंगलादेश, श्रीलंका, मालदीव, सेशेल्स और मॉरीशस के नेताओं को रविवार शाम सात बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के निमंत्रण पत्र भेजा गया है।

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोब्गे, बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, सेशेल्स के राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द जगन्नाथ के आने संभावना है।सूत्रों के अनुसार मेहमान नेताओं का आगमन शनिवार से शुरू हो जाएगा और सोमवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी उनके साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।

नरेंद्र मोदी रविवार को शाम 7 बजे लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी।

इस बीच सरकार गठन को लेकर भाजपा और एनडीए नेताओं के बीच शीर्ष स्तर पर बैठकों का दौर भी लगातार जारी है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर मंत्रिमंडल के गठन को लेकर विचार-विमर्श किया।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर शाम को बैठकों का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। जेपी नड्डा के आवास पर आरएलडी से जयंत चौधरी, एनसीपी से अजित पवार, जेडीएस से एचडी कुमारस्वामी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे, टीडीपी मुखिया चंद्रबाबू नायडू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान, बिहार के मुख्यमंत्री एवं जेडीयू नेता नीतीश कुमार सहित कई अन्य सहयोगी दलों के नेताओं ने अलग-अलग समय पर पहुंचकर सरकार के स्वरूप को लेकर अपनी-अपनी बात जेपी नड्डा, अमित शाह और राजनाथ सिंह के सामने रखी।

मुलाकातों के इस सिलसिले के अभी आगे भी जारी रहने की संभावना है। बैठक से बाहर आने के बाद जयंत चौधरी ने दावा किया कि देश के विकास को लेकर चर्चा हुई, अच्छी मुलाकात रही और इस मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल गठन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।चिराग पासवान ने भी इसे औपचारिक मुलाकात बताते हुए कहा कि मंत्रिमंडल गठन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।

इससे पहले शुक्रवार को संसद के पुराने भवन के सेंट्रल हॉल में हुए एनडीए सांसदों की बैठक में नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया। इसके बाद भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में एनडीए नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर 2.30 बजे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपा। जिसमें राष्ट्रपति को यह जानकारी दी गई कि नरेंद्र मोदी को भाजपा संसदीय दल के नेता के रूप में चुना गया है।

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