
तेलअवीव। इजरायल के हवाई हमले में हमास चीफ याह्या सिनवार मारा गया। इजराइली मीडिया ने सेना के सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया कि सिनवार की मौत हो गई है। सेंट्रल गाजा में बुधवार को इजराइली हमले में हमास के 3 सदस्य मारे गए। इनमें से एक के याह्या सिनवार होने की खबरें हैं। इजराइली सेना ने भी कहा कि उन्हें एक इमारत में हमास के 3 लड़ाके होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एक रूटीन आॅपरेशन में उस पर स्ट्राइक की गई थी। मरने वालों के शव को देखा गया तो उनमें एक याह्या सिनवार का था। उसकी मौत की जांच के लिए डीएनए टेस्ट किया जा रहा है। सिनवार के शव की फोटोज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई हैं। इससे पहले भी सिनवार को मारने के लिए इजराइल ने कई कोशिशें की थी। हालांकि उसे नाकामयाबी ही हाथ लगी। उसकी मौत को लेकर पहले भी दावे होते रहे हैं। 23 सितंबर को भी सिनवार की मौत का दावा किया गया था। सोशल मीडिया पर लोग शव के दांत और उसकी घड़ी की तुलना कर दावा कर रहे हैं कि मारा गया शख्स सिनवार ही है। सोशल मीडिया पर लोग शव के दांत और उसकी घड़ी की तुलना कर दावा कर रहे हैं कि मारा गया शख्स सिनवार ही है।



हमास का पूर्व चीफ इस्माइल हानियेह 31 जुलाई को ईरान में मारा गया था। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉप्स ने उसकी मौत की पुष्टि की थी। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉप्स ने बताया था कि तेहरान में हानियेह के ठिकाने पर रात 2 बजे (भारतीय समय के मुताबिक सुबह 4 बजे) मिसाइल से हमला किया गया था। इसमें हानियेह और उसके एक बॉडीगार्ड की मौत हो गई। हमास की टॉप लीडरशिप में सिनवार ही बचा था इजराइल पर पिछले साल 7 अक्टूबर को हुए हमले के तीन अहम किरदार थे। इनमें पॉलिटिकल चीफ इस्माइल हानियेह, मिलिट्री चीफ मोहम्मद दाइफ के अलावा गाजा में हमास का लीडर याह्या सिनवार शामिल था। 31 जुलाई को ईरान में हानियेह की मौत के बाद सिनवार ही संगठन का नया चीफ बना था। वहीं हमास के मिलिट्री चीफ मोहम्मद दाइफ की 13 जुलाई को ही एक हवाई हमले में मौत हो गई थी, जिसकी पुष्टि 1 अगस्त को हुई थी। ऐसे में अब हमास की टॉप लीडरशिप में सिर्फ सिनवार ही बचा था। लिहाजा इजराइल का पूरा ध्यान इस वक्त सिनवार को ढूंढकर उसे मारने पर लगा हुआ था।
रिफ्यूजी कैंप में जन्मा, 22 साल जेल में रहा सिनवार नए हमास चीफ का पूरा नाम याह्या इब्राहिम हसन सिनवार है। उसका जन्म गाजा पट्टी के दक्षिणी इलाके में स्थित खान यूनिस के शरणार्थी कैंप में हुआ था। याह्या के मां-बाप अश्केलॉन के थे। 1948 में इजराइल की स्थापना हुई और हजारों फिलिस्तीनियों को उनके पुश्तैनी घरों से निकाला गया, तो याह्या के माता-पिता भी शरणार्थी बन गए थे। दो इजरायली सैनिकों और चार फिलिस्तीनियों का अपहरण और उनकी हत्या करने के आरोप में सिनवार को 1989 में गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त याह्या की उम्र 19 साल थी। मुकदमा चला। बाद में उसे चार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गईं। हालांकि, 2011 में इजराइली सैनिक गिलाद शालिट के बदले में 1000 से ज्यादा कैदियों की अदला-बदली के दौरान सिनवार को भी रिहा कर दिया गया था। तब तक सिनवार करीब 22 साल जेल में बिता चुका था। खान यूनिस का कसाई कहलाता है सिनवार सिनवार को निर्मम हत्याएं करने के लिए जाना जाता है।

