
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार 13 अगस्त 2026 को मानसून सत्र के समाप्त होने के बाद 16 से 18 अगस्त 2026 तक संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुला सकती है। इस दौरान परिसीमन और महिला आरक्षण संशोधन विधेयकों पर चर्चा कर उन्हें पारित कराने का प्रयास किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने के बाद तत्काल सत्रावसान नहीं किया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर जल्द विशेष सत्र बुलाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार इस संबंध में सरकार की तरफ से परिसीमन बिल पर कांग्रेस समेत विपक्ष को विशेष सत्र का प्रस्ताव दिया गया है। सरकार ने कांग्रेस को कहा कि सरकार 16, 17, 18 से संसद का सत्र बुलाना चाहती है। सरकार के इस प्रस्ताव पर कांग्रेस अन्य दलों के साथ विचार कर सकती है।
सरकार इन महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने की दिशा में काम कर रही है। यदि संख्या बल सुनिश्चित हो जाता है तो तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।
प्रस्तावित संशोधन में लोकसभा और विधानसभा सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा अगले लोकसभा चुनाव से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का प्रावधान बताया जा रहा है। राजनीतिक समीकरणों में हाल के बदलावों के बाद सरकार दोनों सदनों में आवश्यक दो-तिहाई समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का दावा है कि सीटों में बढ़ोतरी का स्पष्ट प्रावधान किए जाने पर कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन भी मिल सकता है। क्षेत्रीय दलों खासकर दक्षिण भारत के राजनीतिक दलों को साधने के लिए सरकार इसपर परिसीमन बिल में सीटों में पचास फीसदी बढ़ोतरी का लिखित प्रावधान कर सकती है।
