
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्र की मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट पेश किया। बजट में वित्त मंत्री ने देश के समृद्धि को प्रभावित करने वाले कारकों के साथ-साथ लोगों के निजी हितों का भी विशेष ध्यान रखा है।
मानसून बजट सत्र के दौरान भाषण देती हुईं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने उन सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को विस्तारित करने का भी ऐलान किया है, जो कि मौजूदा समय में लोगों के निजी हितों को सकारात्मक तरीके से प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, लोगों के हितों को केंद्र में रखते हुए वित्त मंत्री ने कई बड़े ऐलान किए हैं।
कोरोना काल में केंद्र सरकार ने सभी लोगों को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराने के मकसद से मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की थी। इस योजना को शुरू करने के मुख्य उद्देश्य यह था कि भारत में कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए। पहले यह स्कीम महज कोरोना काल में लोगों की दुश्वारियों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया है। इस बीच, आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने इसे आगामी पांच वर्ष के लिए इसे और बढ़ाने का ऐलान किया है। केंद्र सरकार के इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा, केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस साल कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कृषि की भूमिका ध्यान में रखते हुए किसानों पर विशेष फोकस दिया है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अपना विश्वास जताया है और उनके नेतृत्व में ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए इसे फिर से चुना है। हम अपनी नीतियों में उनके समर्थन, विश्वास और भरोसे के लिए आभारी हैं।
बजट भाषण के दौरान लोकसभा में वित्त मंत्री सीतारमण ने विकसित भारत के लिए मोदी सरकार की 9 प्राथमिकताएं भी बताईं।
जिनमें- कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और लचीलापन, रोजगार एवं कौशल, समावेशी मानव संसाधन विकास एवं सामाजिक न्याय, विनिर्माण एवं सेवाएं, शहरी विकास , ऊर्जा संरक्षण, अवसंरचना, नवाचार अनुसंधान एवं विकास, नई पीढ़ी के सुधार शामिल हैं।
सभी प्रमुख फसलों के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जैसा कि अंतरिम बजट में उल्लेख किया गया है, हमें 4 अलग-अलग जातियों, गरीब, महिला, युवा और किसान पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। किसानों के लिए, हमने सभी प्रमुख फसलों के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की है, जो लागत से कम से कम 50% मार्जिन के वादे को पूरा करता है।
2047 तक विकसित भारत का रोडमैप: बजट में रोजगार, कौशल विकास, कृषि और विनिर्माण पर फोकस करते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लिए रोडमैप है।
मोदी 3.0 के तहत पहला बजट एक आर्थिक दृष्टिकोण तैयार करता है जो फिस्कल प्रूडेंस को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का 2014 के बाद से लगातार 13वां बजट है, जिसमें दो अंतरिम बजट शामिल हैं। केंद्रीय बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अधिक आवंटन, कराधान सुधार, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा, स्थानीय विनिर्माण, नौकरी और कौशल सृजन पर जोर और अधिक श्रम-प्रधान क्षेत्रों में प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेटिव (पीएलआई) आवंटन का समर्थन करने पर केंद्रित है।
रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए तीन योजना: रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने तीन योजनाओं की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार सृजन के लिए तीन योजनाएं शुरू करेगी। पहली बार रोजगार पाने वालों के लिए योजना, जिसमें सभी क्षेत्रों में कार्यबल में शामिल होने वाले सभी लोगों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। रोजगार देने वाली योजना से 2.1 करोड़ युवाओं को लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को पांच साल बढ़ा : उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। चूंकि मोदी सरकार का ध्यान कृषि पर है, इसलिए वित्त मंत्री ने कहा, “किसानों को 109 नई उच्च उपज देने वाली किस्में जारी की जाएंगी। दो वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। वित्त वर्ष 2025 में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये अलग रखे जाएंगे।
युवाओं के लिए निकला ये खास तोहफा : इस केंद्रीय बजट में निर्मला सीतारमण ने 2024-25 में हर साल 25,000 छात्रों की मदद के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना में संशोधन का प्रस्ताव किया है। इसके तहत घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए ई-वाउचर हर साल 1 लाख छात्रों को सीधे ऋण राशि के 3% की वार्षिक ब्याज छूट के लिए दिए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “मुझे 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ 5 वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए 5 योजनाओं और पहलों के प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस वर्ष हमने शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।”
इसके साथ ही देश के युवाओं के लिए इस बजट में वित्त मंत्री ने जो ऐलान किया है उसके अनुसार रोजगार व कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी पांच योजनाओं के लिए दो लाख करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। इसमें 500 टॉप कंपनियों में पांच करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप देने का प्रावधान भी है।
वहीं महिलाओं और लड़कियों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की 100 से अधिक शाखाएं स्थापित की जाएंगी।
‘पूर्वोदय स्कीम’ के जरिए चमकेगा पूर्वी भारत : बजट में इस बार सरकार का खास ध्यान पूर्वी भारत के राज्यों के विकास पर केंद्रित है। इसके साथ देश के अति पिछड़े राज्यों के विकास को लेकर भी इस बजट में वित्त मंत्री ने कई घोषणाएं की हैं। इस बजट में वित्त मंत्री ने पूर्वोदय स्कीम की घोषणा की है जिसके जरिए पूर्वी भारत को चमकाने की सरकार की योजना है। वित्त मंत्री की तरफ से देश के पूर्वी राज्यों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए पूर्वोदय स्कीम की घोषणा की गई है। केंद्र ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे पूर्व के राज्यों के विकास के लिए पूर्वोदय स्कीम की घोषणा की है। इसके तहत मानव संसाधन विकास, बुनियादी विकास पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही अमृतसर- कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गया में औद्योगिक केंद्र बनाया जाएगा। सांस्कृतिक केंद्रों को आधुनिक आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मॉडल को विकास भी विरासत भी का नाम दिया जाएगा।
