
नई दिल्ली। मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में 10 दिनों तक चले गणेशोत्सव के बाद शुक्रवार को बप्पा को अंतिम विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान और आस्था के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस दौरान हर ओर गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्द आ के जयकारों से गूंजते सुनाई दिए। अलग-अलग घाटों पर श्रद्धालुओं का गणपति बप्पा के प्रति अटूट प्रेम और श्रद्धा दिखी। विसर्जन से पहले श्रद्धालुओं ने बप्पा की आरती की और उन्हें मोदक, फल और फूल का भोग लगाया। साथ ही भगवान गणेश से सुख-समृद्धि मांगी और अगले साल फिर से आने का वचन लिया। इस दौरान भक्त ढोल नगाड़ों और भगवान गणेश के भक्ति भजनों की धुन पर नाचते और झूमते दिखाई दिए। महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। सभी भक्त गीतों पर नाचते और गुलाल उड़ाते हुए बप्पा की विदाई करते नजर आए। इस दौरान गंगा घाटों पर आस्था और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला ।मुंबई के ‘लालबागचा राजा’ की प्रतिमा को भक्तों ने उत्साह और उमंग के साथ विदाई दी। इस दौरान भक्तों ने रंग गुलाल उड़ाकर बप्पा की शोभा यात्रा निकाली। मुंबई के राजा तेजुकाया की अनंत चतुर्दशी के दिन रंग-बिरंगे फूलों के बीच शोभा यात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्तों ने बप्पा से वापसी का वचन लिया। मुंबई में अनंत चतुर्दशी के मौके पर भगवान गणेश की मूर्ति को विसर्जन के लिए ले जाते समय लोगों में खास उत्साह दिखा। मुंबई में गणेश चतुर्थी के आखिरी दिन लोगों ने रंग-गुलाल के बीच बप्पा का विसर्जन किया। महाराष्ट्र के सतारा के कराड में लोगों ने गणेश चतुर्थी के आखिरी दिन भगवान गणेश की मूर्ति को कृष्णा-कोयना संगम में विसर्जित किया




