धनबाद। बिहार-झारखंड के ट्रेनों के लिए आतंक बन चुके एक आपराधिक गैंग का धनबाद रेल पुलिस ने उद्भेदन करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को धरदबोचा है। जिनके पास से ट्रेन में सफर कर रही यात्रियों से लुटे गए पर्स, मोबाइल सहित अन्य सामान भी बरामद हुआ। फिलहाल इस गैंग का सरगना पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन पुलिस उसे दबोचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

धनबाद जीआरपी अधीक्षक कैलाश करमाली ने मंगलवार को इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि यह गैंग पिछले काफी समय से बिहार और झारखंड में चलने वाली यात्री ट्रेनों में सक्रिय था। इसी बीच 19-20 दिसम्बर की रात टाटा-जयनगर एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच में सो रही महिला यात्रियों को टारगेट करते हुए उनका पर्स, मोबाइल समेत अन्य सामान लेकर धनबाद के प्रधानखण्टा रेलवे स्टेशन के आस-पास चैन पुलिंग कर उतर गए।

इस दौरान संदेह होने पर यात्रियों ने बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन रात के अंधेरे और कुहासा का फायदा उठाते हुए सभी अपराधी जंगलों में कहीं गायब हो गए। इसके बाद घटना कि सूचना पर रेल अधीक्षक धनबाद के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस विशेष टीम ने अपने अनुसंधान के दौरान छापेमारी कर घटना में शामिल पांच अपराधियों में से चार अपराधियों को धरदबोचा।

रेल पुलिस टीम ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से 05 लेडीज पर्स, 02 चांदी के चैन, एक चांदी की अंगूठी, 01 चांदी का पायल, 01 चांदी का सिक्का पोकेट पर्स से आधार कार्ड, 1220 रुपये नगद, कपड़ा भरा 03 पिट्ठू बैग, 04 मोबाइल फोन और हेडफोन, दो चश्मा, रोलगोल्ड का लॉकेट, कान ला झुमका एवं कॉस्मेटिक का सामान बरामद किया है। वहीं, गिरफ्तार अपराधियों में धनबाद निवासी विकास कुमार साव, बिहार के जहानाबाद निवासी आकाश कुमार साव, धनबाद निवासी रौनक कुमार और धनबाद निवासी सचिन कुमार उर्फ कल्लू शामिल है।

रेल एसपी ने बताया कि इन सभी अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, बिहार से लेकर झारखंड तक के तमाम ट्रेनों में इन्होने कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। वहीं, उक्त घटना से करीब 15 दिन पूर्व ये सभी अपराधी धनबाद के एक होटल में रुके थे और वही इन्होंने घटना की प्लानिंग की थी। फिलहाल इस मामले का सरगना फरार चल रहा है, लेकिन जल्द ही वो पुलिस की गिरफ्त में होगा।

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